STET के लिए तय किेए मापदंडों की वजह से मौका गवाएंगे बीएड अपियरिंग-कॉमर्स के छात्र

 किन एसटीइटी के लिए तय किए गए मापदंडों से हजारों की संख्या में वैसे अभ्यर्थी वंचित रह गए हैं जो बीएड की पढ़ाई कर रहे हैं या फिर जिन्होंने कॉमर्स से स्नातक किया है.

STET के लिए तय किेए मापदंडों की वजह से मौका गवाएंगे बीएड अपियरिंग-कॉमर्स के छात्र
एसटीइटी के लिए तय किए गए मापदंडों से हजारों की संख्या में वैसे अभ्यर्थी वंचित रह गए हैं जो बीएड की पढ़ाई कर रहे हैं.

पटना: बिहार में 8 साल बाद माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा होने जा रही है. किन एसटीइटी के लिए तय किए गए मापदंडों से हजारों की संख्या में वैसे अभ्यर्थी वंचित रह गए हैं जो बीएड की पढ़ाई कर रहे हैं या फिर जिन्होंने कॉमर्स से स्नातक किया है. दरअसल एसटीइटी परीक्षा के लिए जो शिक्षा विभाग ने जो योग्यताएं तय की हैं उसके हिसाब से अपियरिंग बीएड छात्रों और कॉमर्स से स्नातक कर चुके छात्रों की उम्मीदों को झटका लगा है.

शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि, एसटीइटी परीक्षा में सिर्फ वहीं अभ्यर्थी बैठेंगे जिनके पास बीएड की डिग्री हो यानि अगर कोई छात्र बीएड कर रहा है या बीएड परीक्षा के नतीजे का इंतजार कर रहा है वो परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे. दूसरी तरफ शिक्षा विभाग इस बार बीए और बीएससी पास अभ्यर्थियों के लिए ही एसटीइटी परीक्षा ले रहा है. जिन लोगों ने बीकॉम किया है उनके लिए माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं ली जा रही है.

 

अभ्यर्थियों के मुताबिक, अगर केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि एसटीइटी में बीएड एपियरिंग छात्र शामिल हो सकते हैं तो फिर बिहार में एपियरिंग बीएड या एपीयर्ड बीएड अभ्यर्थी क्यों नहीं शामिल हो सकते हैं.छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच हमने शिक्षा विभाग से भी उसका पक्ष जानना चाहा.माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक निदेशक अमित कुमार से बात की. सहायक निदेशक अमित कुमार के मुताबिक,जो दिशानिर्देश हैं उसके अनुसार बीएड पास अभ्यर्थी ही परीक्षा में बैठेंगे. माध्यमिक शिक्षा विभाग तो एनसीटीइ के दिशानिर्देशों का पालन कर रहा है. हालांकि बीकॉम छात्रों के लिए एसटीइटी परीक्षा नहीं होने की बात को टाल गए.

अनौपचारिक बातचीत में अमित कुमार ने कहा कि खाली सीटों के मुताबिक शिक्षकों की बहाली निकाली गई है. लेकिन बिहार में वाणिज्य के शिक्षक पर्याप्त संख्या में है इस पर सवाल तो खड़ा हो ही रहा है. इसी बीच माध्यमिक शिक्षा पात्रता परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की तारीख 26 सितंबर ही है. शिक्षा विभाग क्लास 9 से 10 और 11 से 12 के लिए अलग-अलग परीक्षा ले रहा है. क्लास 9 से 10 के लिए जहां स्नातक के साथ बीएड वहीं क्लास 11 से 12 के लिए पोस्टग्रेजुएट के साथ बीएड योग्यता तय की गई है.

पेपर-1 के लिए 25 हजार 270 जबकि पेपर-2 के लिए 12 हजार 65 बहाली होनी है. भारतीय जनता पार्टी के नेता और बिहार विधान परिषद के सदस्य नवलकिशोर यादव छात्रों  की मांग को जायज ठहराते हैं. उनके मुताबिक,बिहार को नेता नहीं बल्कि नौकरशाह चला रहे हैं जिन्हें हकीकत की जानकारी नहीं है. नवलकिशोर यादव ने कहा कि,अगर हजारों की संख्या में बीएड अभ्यर्थी इस बार परीक्षा से वंचित रह जाएंगे तो अनर्थ हो जाएगा.

बिहार में हर साल टीइटी और एसटीइटी परीक्षा नहीं ली जाती है.ऐसे में जो मापदंड तय किए गए हैं उस पर सवाळ खड़ेंगे होंगे ही. एपियरिंग बीएड छात्रों को मौका नहीं देना और बीकॉम पास अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित न होने से हजारों की संख्या में छात्र एक बढ़िया अवसर से चूक जाएंगे.और ये अभ्यर्थी कल सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं.