कैदियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने वाला देश का पहला जेल बना बांका, हर जगह हो रही है सराहना
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कैदियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने वाला देश का पहला जेल बना बांका, हर जगह हो रही है सराहना

Banka News: बांका जेल में गुरूवार से डिजिटल साक्षरता अभियान की शुरूआत की गई है. देश में पहली बार बांका जेल में इसकी शुरूआत बंदियों के लिए किया गया है. 

कैदियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने वाला देश का पहला जेल बना बांका, हर जगह हो रही है सराहना

Banka: बिहार के बांका जेल (Banka Jail) की हर जगह सराहना हो रही है, इसके पीछे वजह यह है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (Prime Minister Rural Digital Literacy Campaign) के तहत यहां के जेल में बंदियों (Training to Prisoners) के लिए प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है. इस तरह से बांका जेल ऐसा करने वाला देश का प्रथम जेल बन गया है. 

बांका मंडल कारा के कार्यों की बिहार के मुख्य सचिव जितेन्द्र श्रीवास्तव ने सराहना की है. उन्होंने इस शानदार कार्य के लिए ट्वीट कर बांका जेल प्रशासन को बधाई भी दिया है. जेल अधीक्षक सुजीत कुमार राय के कार्यो के लिए उन्हें बधाई दी है.

बांका जेल में गुरूवार से डिजिटल साक्षरता अभियान की शुरूआत की गई है. देश में पहली बार बांका जेल में इसकी शुरूआत बंदियों के लिए किया गया है. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बंदिया को सीएससी सेंटर का लाभ सहित अन्य लाभ मिलेगा.

इस तरह से अब बांका जेल के बंदियों के लिए डिजिटल शिक्षा शुरू किया गया है. देशभर में पहली बार बांका में संचालित डिजिटल इंडिया के अभियान के तहत कैदियों को प्रशिक्षण दी जा रही है. अब इस अभियान से एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है.

जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार की पहल पर पूरे देश में पहली बार इस तरह से कैदियों के लिए एक नई शुरुआत की गई है. भारत सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत संचालित ग्रामीण डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत बांका के जेल अधीक्षक सुजीत कुमार राय ने की. जेल अधीक्षक ने कहा कि केवल साक्षर होना पर्याप्त नहीं है, आधुनिक युग में हम सभी को डिजिटल ज्ञान होना अति आवश्यक है.

इस मामले में जेल सुपरिटेंडेंट सुजीत कुमार राय ने कहा कि प्रधानमंत्री डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत जेल में कैदियों के लिए प्रशिक्षण अभियान चलाने वाला देश का पहला जिला बांका बन गया गै. मंडल कारा बदियों को दी जाने वाली डिजिटल इंडिया से जुड़ी प्रशिक्षण 10 दिन का होगा, कैदियो की ऑनलाइन परीक्षा भी होगी.  परीक्षा के बाद प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. ताकि कैदी जेल से बाहर होने के बाद मुख्यधारा से जुड़ने का एक सफल प्रयास कर सकें. कैदियो के रोजगार के लिए सीएसी सेन्टर चलाने के लिए दिया जायेगा.
 
(इनपुट- बीरेंद्र सिन्हा)

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