दुखद! डोली की जगह उठानी पड़ी अर्थी, मातम में बदल गई खुशियां

Munger Samachar: दुल्हन बनी निशा की डोली की जगह अर्थी उठी. उसकी मांग भरने वाले पति ने उसकी अर्थी को कंधा दिया और गंगा घाट लेजाकर मुखागिन दी.

दुखद! डोली की जगह उठानी पड़ी अर्थी, मातम में बदल गई खुशियां
डोली की जगह उठानी पड़ी अर्थी.

Munger: तारापुर प्रखंड के अफजल नगर पंचायत अंतर्गत खुदिया गांव में शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब दुल्हन बनी निशा की डोली की जगह अर्थी उठी. उसकी मांग भरने वाले पति ने उसकी अर्थी को कंधा दिया और गंगा घाट लेजाकर मुखागिन दी.

जानकारी के अनुसार, अफजल नगर पंचायत की खुदिया गांव में रंजन यादव उर्फ रंजय की बेटी निशा कुमारी की शादी 8 मई को थी. हवेली खड़गपुर प्रखंड के महकोला गांव से सुरेश यादव के पुत्र रवीश की बारात पहुंची. देर रात सिंदूरदान के बाद ही दुल्हन निशा की तबियत बिगड़ गई. दुल्हन की तबियत बिगड़ते ही शादी की खुशी में खलल पड़ गया. इसके बाद परिजन दुल्हन को तारापुर अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे भागलपुर रेफर कर दिया.

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निशा को इलाज के लिए भागलपुर के निजी अस्पताल में ले जाया गया. जहां इलाज शुरू होने के पांच-छह घंटे बाद ही निशा ने दम तोड़ दिया. दुल्हन की मौत की खबर आते ही घर में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं. रविवार की शाम निशा का शव गांव लाया गया. 

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इधर, एक तरफ जहां निशा के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था तो वहीं, निशा के साथ सात फेरे लेने वाला रवीश दुल्हन की मौत से हतप्रभ था. सोमवार की सुबह नवविवाहिता निशा की अर्थी सजाई गई. दुल्हन निशा को अपने घर ले जाने की जगह पति रवीश कुमार ने कंधा दिया. शव को अंतिम संस्कार के लिए सुल्तानगंज ले जाया गया. वहां दुल्हन निशा को पति रवीश ने मुखागिन दी. 

वहीं,  इस घटना से पूरा गांव मातम में डूबा रहा. गांव में चर्चा है कि निशा कुमारी एक सप्ताह से सर्दी-खांसी से पीड़ित थी. शादी की रात उसकी तबियत अचानक बिगड़ गई.

(इनपुट- प्रशांत कुमार)