बहु ने किया 'लोटा पार्टी' ज्‍वॉइन करने से इनकार, ससुर ने बैल बेचकर बनवाए शौचालय

 गांव में बहु की जिद और सास-ससुर के द्वारा 'खुले में शौच मुक्त' और स्वच्छता को लेकर उठाए गए कदम की सराहना हो रही है.

बहु ने किया 'लोटा पार्टी' ज्‍वॉइन करने से इनकार, ससुर ने बैल बेचकर बनवाए शौचालय
बीबी मेतुन ने 'लोटा पार्टी' ज्वाइन करने से किया था इनकार.

किशनगंज : बिहार के किशनगंज में एक नवविवाहिता ससुराल छोड़कर मायके इसलिए चली गई कि उसके पति के घर में शौचालय नहीं था. फलका प्रखंड के सोहथा दक्षिण पंचायत के मुस्लिम बस्ती के एक परिवार में 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' मानो रियल लाइफ में घटित हुई है. नवविवाहिता के ससुर ने भी बिना देरी किए स्वच्छ भारत मिशन से प्रभावित होकर किसानी के एक जोड़े बैल बेचकर बहूकी इज्जत का ख्याल करते हुए शौचालय का निर्माण करवाया. यह परिवार अपने गांव में स्वच्छ भारत मिशन का आइकॉन बन चुका है.

शौचालय निर्माण के बाद ही अपने पिया के घर वापस लौटी. गांव में बहूकी जिद और सास-ससुर के द्वारा 'खुले में शौच मुक्त' और स्वच्छता को लेकर उठाए गए कदम की सराहना हो रही है.

पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान का दुल्हन पर चढ़ा रंग
मुस्लिम बस्ती में एक किसान के घर नई-नवेली दुल्हन बीबी मेतुन विदा होकर आयी. गांव की अन्य महिलाओं के साथ उसे भी सुबह-सुबह 'लोटा पार्टी' में शामिल होने के लिए कहा गया, लेकिन उसने नामंजूर कर दिया. इसके लिए उसे काफी लिज्जत और रुसवाई भी उठानी पड़ी. शौचालय निर्माण की मांग के साथ ही वह सुसराल छोड़कर अपने पिता के घर के लिए निकल पड़ी.

ससुर ने बैल बेचकर परिवार के लिए कराया शौचालय निर्माण
लड़की के मायके और ससुराल के बीच शौचाचलय की व्यवस्था जंग छिड़ गई. ससुर मो. अबरात ने खेती के दोनों बैल को मवेशी हाट में ले जाकर 40 हजार रुपये में बेच दिया. उसी पैसे से बहूसहित परिवार के अन्य सदस्यों के लिए शौचालय का निर्माण करवाया. ससुराल में शौचालय बन जाने के बाद बीबी मेतुन ना सिर्फ अपने पति के घर लौटी, बल्कि इस सहरानीय काम के लिए ससुर और अपने पति को थैंक्यू कहा.

पूरे जिला में हो रही है दुल्हन की चर्चा
दुल्हन की जिद की चर्चा आज जिला के कई प्रखंडो में है. फलका प्रखंड की बीडीओ रेखा कुमारी ने बताया कि फलका बस्ती जैसे सुदूरवर्ती इलाकों के लोग भी स्वेच्छा से स्वच्छ भारत मिशन का हिस्सा बन रहे हैं. यह शुभ संकेत है. दुल्हन के ससुर अबरात ने किसानी के एक जोड़े बैल बेचकर शौचालय का निर्माण कराया है, जो प्रखंड के लिए प्रेरित करने वाला है. बहुत जल्द उन्हें सब्सिडी की राशि भी मुहैया करा दी जाएगी.