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मंजू वर्मा और उनके पति पर लटकने लगी है गिरफ्तारी की तलवार, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

बेगूसराय कोर्ट ने मंजू वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा दोनों की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज कर दी है.

मंजू वर्मा और उनके पति पर लटकने लगी है गिरफ्तारी की तलवार, अग्रिम जमानत याचिका खारिज
मंजू वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई. (फाइल फोटो)

बेगूसरायः बिहार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा की मुश्किलें अब और बढ़ने लगी है. शनिवार को बेगूसराय कोर्ट ने मंजू वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा दोनों की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज कर दी है. आपको बता दें कि सीबीआई की छापेमारी में उनके घर से अवैध कारतूस बरामद हुए थे.

सीबीआई की छापेमारी के दौरान मंजू वर्मा के घर से अवैध कारतूस बरामद होने के बाद उनपर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया था. इसलिए अपनी और अपने पति की गिरफ्तारी रुकवाने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका डाली थी. लेकिन उन्हें अब बहुत बड़ा झटका लगा है. अब मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.

सीबीआई के डीएसपी ने मंजू वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा के ऊपर आर्म्स एक्ट के तहत बेगूसराय के बरियारपुर थाना में केस दर्ज कराया था. आपको बता दें कि बीते 17 अगस्त को सीबीआई ने मंजू वर्मा के घर पर छापेमारी की थी. इस दौरान घर से करीब 50 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे. कारतूसों की जांच के लिए एफएसएल के पास भेजा गया था.

वहीं, एफएसएल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सभी कारतूस अवैध है. बेगूसराय एसपी आदित्य कुमार के अनुसार जिला पुलिस अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. रिपोर्ट मिलते ही दोनों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि एसपी ने कहा कि मंजू वर्मा के बेटे ने कहा है कि घर से बरामद कारतूस उनके नहीं है. जिस पर एसपी ने उसे यह बातें लिखित रूप में देने को कहा है. जिसके बाद आवेदन के आधार पर जांच कराई जाएगी.

गौरतलब है कि मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा पर मुजफ्फरपुर रेप कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर से संबंध होने की आरोप है. वहीं, उनके खिलाफ फोन कॉल्स के बारे में भी खुलासा हुआ था. जिसके बाद सीबीआई ने उनके घर पर छापेमारी कर काफी देर तक पूछताछ की थी. साथ ही पूरे घर को खंगाला था. जिसमें कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए गए थे.

आरोपों की वजह से मंजू वर्मा को मंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा. हालांकि उन्होंने इस पर बाद में बयान दिया था कि उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है. लेकिन उन्हें सीबीआई की जांच पर भरोसा है. वह जरूर निर्दोष साबित होंगे.