बिहार: मैट्रिक की कॉपियों की जांच पर मंथन जारी, अगले दो दिनों में लिया जाएगा फैसला

भारत सहित दुनिया के तमाम देश इस वायरस से बचने के लिए लागातार प्रयासरत हैं. इधर, इस वायरस का असर शिक्षण कार्यों पर भी लगातार पड़ रहा है.   

बिहार: मैट्रिक की कॉपियों की जांच पर मंथन जारी, अगले दो दिनों में लिया जाएगा फैसला
बीएसईबी मैट्रिक की कॉपियों की जांच पर विचार कर रही है. (फाइल फोटो)

पटना: वैश्विक महामारी बन चुका कोरोना वायरस  (Coronavirus) का प्रकोप इस समय पूरी दुनिया पर छाया हुआ है. भारत सहित दुनिया के तमाम देश इस वायरस से बचने के लिए लागातार प्रयासरत हैं. इधर, इस वायरस का असर शिक्षण कार्यों पर भी लगातार पड़ रहा है. 

दरअसल, बिहार बोर्ड के बारहवीं के रिजल्ट आ चुके हैं और दसवीं के बच्चे भी रिज्लट का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अब लॉकडाउन बढ़ने की वजह से बीएसईबी ने बड़ा फैसला लिया है.

दरअसल, पहले बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने फैसला किया था कि एहतियाती तौर पर वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2020 की उत्तर पुस्तिकाओं का मुल्यांकन कार्य तीन मई तक स्थगित रहेगा लेकिन अब बीएसईबी मंथन कर रही है कि कॉपियों की जांच सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करते हुए शुरू की जाए या नहीं. 

लॉकडाउन बढ़ने के कारण पहले फैसला किया गया था कि  17 मई के बाद मैट्रिक की कॉपियों का मुल्यांकन शुरू होगा. लेकिन अब बीएसईबी ने फैसले में संशोधन किया है और कॉपियों की जांच पर विचार कर रही है.

आपको बता दें कि, मैट्रिक की परीक्षा में 15 लाख 29 हजार 393 छात्र और छात्राओं ने फॉर्म भरा है. 7 लाख 83 हजार 34 छात्राओं ने  जबकि 7 लाख 46 हजार 359 छात्र इस साल मैट्रिक परीक्षा में शामिल हुए हैं.

पहली पाली में सात लाख 74 हजार 415, जबकि दूसरी पाली में सात लाख 54 हजार 978 परीक्षार्थी शामिल हुए. प्रदेश भर में 1368 परीक्षा केंद्र भी बनाए गए. इस बार छात्राओं की संख्या छात्रों की अपेक्षा अधिक है.