बिहार राजनीति ने ली करवट, तेजस्वी को चुनाव से पहले CM कैंडिडेट मानने को कांग्रेस नहीं है तैयार

पार्टियों के बीच लगातार मीटिंग का सिलसिला जारी है. शुक्रवार को राहुल गांधी ने भी बिहार कांग्रेस के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की. 

बिहार राजनीति ने ली करवट, तेजस्वी को चुनाव से पहले CM कैंडिडेट मानने को कांग्रेस नहीं है तैयार
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता तेजस्वी को सीएम कैंडिडेट मानने के लिए तैयार नहीं हैं. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसे लेकर सभी पार्टियों ने अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी है. पार्टियों के बीच लगातार मीटिंग का सिलसिला जारी है. शुक्रवार को राहुल गांधी ने भी बिहार कांग्रेस के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की. 

इस मीटिंग में राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव से जुड़ा फीडबैक लिया. वहीं, मीटिंग के बाद कांग्रेस के नेता निखिल कुमार ने कहा है कि चुनाव को लेकर बहुत हद तक कांग्रेस की नीति स्पष्ट हो चुकी है. अगली बैठक में गठबंधन और सीटों को लेकर भी तस्वीर साफ हो जाएगी.

वहीं, बिहार कांग्रेस की राहुल गांधी के साथ मीटिंग के बाद जो सबसे तस्वीर निकल कर सामने आई है वो ये है कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता तेजस्वी को सीएम कैंडिडेट मानने के लिए तैयार नहीं हैं. कांग्रेस के सभी नेताओं ने चुनाव के बाद महागठबंधन का नेता चुने जाने की वकालत राहुल गांधी से की है. 

मिली जानकारी के अनुसार तेजस्वी की लीडरशीप पर कांग्रेस नेताओं को संदेह है. मीटिंग के दौरान कुछ कांग्रेस के नेताओं ने बिहार में नए सियासी समीकरण बनने की भी बात कही है. मीटिंग में एक कांग्रेस के नेता ने ये भी दावा किया है कि एलजेपी के सबसे बड़े नेता ने उनसे 4 बार फोन पर संपर्क किया है. 

पहली बार राहुल गांधी ने बिहार के कांग्रेसी नेताओं के दिल की बात लंबे समय तक सुनी. राहुल गांधी के इस व्यवहार से बिहार के कांग्रेस नेता काफी खुश हैं. हालांकि, कांग्रेस विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर चुकी है लेकिन महागठबंधन की क्या तस्वीर उभर कर सामने आती है यह समय आने पर ही पता चलेगा.