बिहारः अपराधीकरण पर अंकुश लगाने के लिए बेकसूरों की रिहाई की तैयारी कर रहे पूर्व सांसद

बिहार के पूर्णिया लोकसभा विकास परिषद के अधीन गरीबों को इंसाफ दिलाने के लिए अधिवक्ताओं की स्थायी कमिटी बनाई जाएगी, जो ज्यादातर ऐसे मामलों को हाथ में लेगी, जिसमें बिना किसी कसूर के लोगों को जेल में डाल दिया गया है.

बिहारः अपराधीकरण पर अंकुश लगाने के लिए बेकसूरों की रिहाई की तैयारी कर रहे पूर्व सांसद
पूर्व सांसद उदय सिंह ने बेकसूर कैदियों को छुड़ाने की पहल की है.

पूर्णियाः बिहार के पूर्णिया लोकसभा विकास परिषद के अधीन गरीबों को इंसाफ दिलाने के लिए अधिवक्ताओं की स्थायी कमिटी बनाई जाएगी, जो ज्यादातर ऐसे मामलों को हाथ में लेगी, जिसमें बिना किसी कसूर के लोगों को जेल में डाल दिया गया है. यह कमिटी उन लोगों को भी न्याय दिलाएगी, जो अपने अपराध की सजा भुगत चुके हैं और बाहर निकलने लायक हैं.  पूर्णिया के पूर्व लोकसभा सांसद उदय सिंह ने समाज में बढ़ते अपराधीकरण पर अंकुश लगाने और जेल सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है. पूर्व लोकसभा सांसद ने निर्दोषों और बेकसूरों की जेल से रिहाई की जमीन तैयार कर दी है. उनका कहना है कि ज्यादातर निर्दोष या बेकसूर लोग जमानत के लिए पैसे न होने पर जेलों में सड़ते रहते हैं. वे गरीब होने के कारण अपने केस की पैरवी के लिए वकील की मदद भी नहीं ले पाते.

उन्होंने कहा कि झूठे केस में फंसाए गए बेकसूरों की जेल से तुरंत रिहाई होनी चाहिए. गरीबों को इंसाफ दिलाने के लिए पूर्णिया लोकसभा विकास परिषद के अधीन अधिवक्ताओं की स्थायी कमिटी बनाई जाएगी, जो अधिकतर ऐसे मामलों को हाथ में लेगी, जिसमें बिना किसी कसूर के लोगों को जेल में डाल दिया गया है. यह कमिटी उन लोगों को भी न्याय दिलाएगी, जो अपने अपराध की सजा भुगत चुके हैं और बाहर निकलने लायक है. बिहार राज्य के 40 लोकसभा क्षेत्रों में एक पूर्णिया अनारक्षित लोकसभा क्षेत्र है.

पूर्व लोकसभा सांसद उदय ने कहा, "अक्सर मुझे जहां-तहां यह सुनने को मिलता है, हमें झूठे केस में फंसा दिया गया है. यह वास्तव में होता है. यह कहना उचित होगा कि समाज में सब कुछ रामराज्य की तरह नहीं चल रहा है. गरीब, निर्दोष, बेबस, असहाय और लाचार लोगों को दबंग लोग झूठे मुकदमों में फंसा देते हैं."

उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की यह कमिटी ऐसे निर्दोष लोगों के मामले अपने हाथ में लेगी, जो वकीलों की फीस देने की क्षमता न होने के कारण अपने लिए वकील नहीं कर पाते. वकीलों की यह कमिटी गरीब, असहाय और लाचार लोगों के मामलों को अपने हाथ में लेगी और उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए यथासंभव प्रयत्न करेगी.

पूर्व सांसद ने भरोसा जताया कि जेल सुधारों के लिए उनकी ओर से उठाए गए कदमों का सुखद नतीजा निकलकर सामने आएगा. असहाय लोगों को तुरंत न्याय दिलाया जा सकेगा.

पूर्व लोकसभा सांसद ने कहा कि आज पूर्णिया में आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं. अपराधियों की हिम्मत दिनों दिन बढ़ रही है और फिर 2004 से पहले जैसे हालात लौट रहे हैं. अक्सर देखा जाता है कि दबंग निर्दोष लोगों को झूठे केस में फंसा देते हैं. पैसों का लेन-देन और अपहरण के बाद फिरौती मांगना ही सारे अपराधों की जड़ है. 

उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को इन आपराधिक तत्वों पर अंकुश लगाने का हरसंभव प्रयत्न करना चाहिए. अपराधी जाति या समाज के दुश्मन होते हैं. आम लोग भी इन असामाजिक तत्वों के बारे मे सूचना देकर पुलिस और प्रशासन की मदद कर सकते हैं, लेकिन पूर्णिया में डर, अपराध और दहशत के माहौल पर अंकुश लगाना होगा.

गौरतलब है कि मार्च 2004 में अटल जी ने उदय सिंह को भाजपा से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने 2004 से 2014 तक पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया.