मोदी सरकार की सौगात, कोसी नदी पर बनेगा नया फोर-लेन पुल

राजमार्ग संख्या 106 पर फुलौत और बिहपुर के बीच 10 किलोमीटर लंबा लिंक नादारद है और वह कोसी नदी के कटाव क्षेत्र में आता है. 

मोदी सरकार की सौगात, कोसी नदी पर बनेगा नया फोर-लेन पुल
मोदी सरकार ने बिहार को दी सौगात. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली/मधेपुरा : आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बिहार में फुलौत और बिहपुर के बीच 6.93 किलोमीटर लंबे चार लेन की पुल के निर्माण को अपनी मंजूरी दे दी. पुल के बनने से फुलौत और बिहपुर के बीच की दूरी 72 किलोमीटर से घटकर 12 किलोमीटर की हो जाएगी. 

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया से कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सीसीईए की बैठक में बिहार में फुलौत और बिहपुर के बीच 6.930 किलोमीटर लंबे चार लेन के पुल के निर्माण को अपनी मंजूरी दे दी गई है." 

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 106 पर फुलौत और बिहपुर के बीच 10 किलोमीटर लंबा लिंक नादारद है और वह कोसी नदी के कटाव क्षेत्र में आता है. मंत्री ने कहा, "मौजूदा समय में फुलौत से बिहपुर जाने के लिए करीब 72 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ता है, लेकिन फुलौत और बिहपुर के बीच कोसी नदी के ऊपर चार लेन के पुल बन जाने से यह घटकर 12 किलोमीटर की हो जाएगी." 

उन्होंने कहा कि नए पुल के बन जाने से लगभग 2.19 लाख श्रम दिवस के लिए प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे. इस नए पुल के निर्माण से बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग 106 पर उदाकिशुनगंज और बिहपुर के बीच मौजूदा 30 किलोमीटर लंबी खाई दूर हो जाएगी जो नेपाल, उत्तर बिहार, पूर्व-पश्चिम गलियारा (एनएच-57 से होते हुए) और दक्षिण बिहार, झारखंड, स्वर्ण चतुभुर्ज (एनएच-2 से होते हुए) के बीच संपर्क मुहैया कराएगी.

इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-31 की भी पूरी तरह से उपयोगिता सुनिश्चित होगी. मंत्री ने कहा कि इसके तहत 106 किलोमीटर से 136 किलोमीटर तक 'पेड शोल्डर के साथ 2-लेन' दुरुस्त होंगे, जिस पर 1478.40 करोड़ रुपये की लागत आएगी. 

उन्होंने कहा, "इस परियोजना के लिए निर्माण अवधि तीन साल का है और इसे जून 2022 तक पूरे किए जाने की उम्मीद है." 

प्रसाद ने कहा कि वर्तमान में यह राष्ट्रीय राजमार्ग केवल एक लेन के साथ खराब स्थिति में है, इसलिए इस राजमार्ग पर वाहनों के लिए औसत गति 20 किलोमीटर प्रति घंटे से कम की है. पुल के निर्माण से यातायात की गति बढ़कर करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी.