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दिल्ली की तर्ज पर पटना में भी जल्द CNG से चलेंगी गाड़ियां, प्रदूषण में आएगी कमी

पटना के रुकनपुरा स्थित सीएनजी पंप पर ऑटो कतार में खड़ी रहती है. पंप के मैनेजर बताते हैं कि कुछ महीने पहले तक सीएनजी से चलने वाले वाहनों की संख्या काफी कम थी, लेकिन अब तेजी से पटना में इसकी संख्या बढ़ी है.

दिल्ली की तर्ज पर पटना में भी जल्द CNG से चलेंगी गाड़ियां, प्रदूषण में आएगी कमी
फिलहाल पटना में 1200 ऑटो सीएनजी से चल रहे हैं.

पटना : बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल और डीजल की जगह जल्द ही सीएनजी से निजी और सार्वजिनक वाहन चलाने की तैयारी हो रही है. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम यानी (बीएसआरटीसी) इसके लिए हर इंतजाम कर रहा है. फिलहाल पटना में 1200 ऑटो सीएनजी से चल रहे हैं. कोशिश होगी कि बीएसआरटीसी के नियंत्रण में चलने वाली गाड़ियों को भी सीएनजी से चलाया जाए. हालांकि इसमें कुछ व्यहवारिक दिक्कत है. इन दिक्कतों के बावजूद पटना में धीरे-धीरे से ही सही, सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है.

पटना के रुकनपुरा स्थित सीएनजी पंप पर ऑटो कतार में खड़ी रहती है. पंप के मैनेजर बताते हैं कि कुछ महीने पहले तक सीएनजी से चलने वाले वाहनों की संख्या काफी कम थी, लेकिन अब तेजी से पटना में इसकी संख्या बढ़ी है.

दरअसल, वायु प्रदूषण को दूर करने के लिए सीएनजी को पेट्रोल और डीजल के मुकाबले काफी कारगर माना जाता है. दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने में सीएनजी की अहम भूमिका है. पटना देश ही नहीं बल्कि दुनिया के प्रदूषित शहरों में बदनाम है. लिहाजा इस शहर की हवा को सांस लेने के लायक बनाने के लिए काफी काम किए जाने की जरूरत है. इसी कड़ी में सार्वजनिक, निजी वाहन सहित ऑटो को भी सीएनजी में तब्दील किया जाएगा. ऑटो चालकों के मुताबिक, पेट्रोल या डीजल से चलने वाले ऑटो में बचत भी कम थी, लेकिन सीएनजी के कारण मुनाफा बढ़ने लगा है.

पटना में इस वक्त दो सीएनजी पंप हैं, जहां 24 घंटे सीएनजी मिल रही है. नौबतपुर में स्थित गेल के फिलिंग स्टेशन से सीएनजी की सप्लाई हो रही है. शहर में 1200 ऑटो सीएनजी से चल रहे हैं. बीएसआरटीसी के सचिव संजय अग्रवाल के मुताबिक, पटना में जितने भी सार्वजिनक वाहन हैं उनमें पेट्रोल और डीजल इंजन की बजाय सीएनजी किट चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे. सीएनजी ईंजन की कीमत ज्यादा होती है, लिहाजा कीमत कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से बात की जा रही है.

जो लोग सीएनजी वाहनों के लिए परमिट मांग रहे हैं उन्हें जिला परिवहन कार्यालय भी प्राथमिकता के आधार पर परमिट दे रहा है. पटना में अभी पेट्रोल 79 और डीजल 70 रुपए प्रति लीटर मिल रहे हैं. वहीं, सीएनजी सिर्फ 63 रुपए किलो की दर से मिल रही है.

जिस तरह पटना में गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है उसी हिसाब से यहां वायु प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है. साल के कुछ दिन ही पटना की हवा सांस के लायक होती है. लिहाजा जितनी तेजी से सीएनजी से चलने वाली गाड़ियां सड़क पर उतरेंगी उतनी जल्द राहत मिलने की संभावना होगी.

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