बिहार सरकार का बड़ा फैसला, मुजफ्फरपुर AES पीड़ित परिजनों को मिलेगा पक्का घर

 मुजफ्फरपुर जिले के एक्यूट इंसेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से पीड़ित बच्चों के परिवारों को पक्का घर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. 

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, मुजफ्फरपुर AES पीड़ित परिजनों को मिलेगा पक्का घर
एईएएस से पीड़ित बच्चों के परिवारों को पक्का घर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.

पटना: बिहार कैबिनेट की मंगलवार को यहां हुई बैठक में मुजफ्फरपुर जिले के एक्यूट इंसेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से पीड़ित बच्चों के परिवारों को पक्का घर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद विशेष सचिव, उपेंद्रनाथ पांडेय ने संवाददाताओं को बताया कि इस बैठक में कुल 14 प्रस्तवों को मंजूरी दी गई है. 

बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की वर्तमान प्रतीक्षा सूची से छूटे हुए योग्य परिवारों तथा मुजफ्फरपुर जिला के पांच एईएस प्रभावित प्रखंडों बोचहा, कांटी, मीनापुर, मोतीपुर, मुशहरी के सभी सुयोग्य परिवारों को आवास का लाभ दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई.

पिछले वर्ष मुजफ्फरपुर में एईएस से 150 से ज्यादा बच्चों की जान गई थी. बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश की महत्वपूर्ण योजना जल जीवन हरियाली अभियान के तहत 7319 कुओं का जीर्णोद्धार होगा. पहले चरण में 1068 कुओं का जीर्णोद्धार करवाया जाएगाख् जिसके लिए रुपये 45 करोड़ 67 लाख राशि मंजूर की गई है.

नीतीश सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए पूर्णिया चिकित्सा महाविद्यालय की क्षमता 300 बेड से बढ़ाकर 500 बेड का किया जाएगा. इसके लिए कैबिनेट से 87़ 78 करोड़ राशि स्वीकृत कर दी गई है. पटना के शेखपुरा के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के लिए 78 करोड़ की राशि मंजूर की गई है.

कैबिनेट की बैठक में के लिए नीतीश कैबिनेट ने बिहार के स्कूलों में कक्षा और शौचालय समेत अन्य सुविधाओं के लिए 409 करोड़ खर्च करेगी. वहीं, मुंगेर के भीमबांध पथ निर्माण के लिए 31.41 करोड़ की राशि की मंजूरी मिली है.