नौकरी : बिहार में होगी 40 हजार शिक्षकों की नियुक्ति, 27 अगस्त से जमा होंगे फॉर्म

विभाग के उपसचिव अरशद फिरोज ने 29 जुलाई तक सभी जिला परिषद और नगर निकाय नियोजन इकाइयों को खाली पदों और अतिरिक्त पदों की अंतिम सूची तैयार करने का आदेश दिया है.

नौकरी : बिहार में होगी 40 हजार शिक्षकों की नियुक्ति, 27 अगस्त से जमा होंगे फॉर्म
बिहार में होगी शिक्षकों की नियुक्ति. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना : बिहार में शिक्षक की नौकरी का सपना पाले बैठे लोगों के लिए खुशखबरी है. बिहार सरकार ने करीब 40 हजार माध्यमिक और प्लस-टू शिक्षकों की नियुक्ति करने का फैसला किया है. इसके लिए शिक्षा विभाग ने सोमवार को शेड्यूल भी जारी कर दिया है. सभी नियोजन इकाइयों को पांचवें चरण की नियोजन प्रक्रिया को समाप्त कर छठे चरण की नियुक्ति की कार्रवाई शुरू करवाएंगे.

विभाग के उपसचिव अरशद फिरोज ने 29 जुलाई तक सभी जिला परिषद और नगर निकाय नियोजन इकाइयों को खाली पदों और अतिरिक्त पदों की अंतिम सूची तैयार करने का आदेश दिया है. इसके बाद 27 अगस्त से 26 सितम्बर तक अभ्यर्थियों से आवेदन जमा लिया जाएगा. 

शिक्षा विभाग के शेड्यूल के मुताबिक, छठे चरण की नियोजन प्रक्रिया में खाली पदों के साथ विषयवार रोस्टर क्लीयर करना अनिवार्य है. यह कार्य नियोजन इकाइयों को 9 अगस्त तक पूरा कर लेना है. इससे पहले 3 अगस्त को नियोजन से संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षण होगा.

6 अगस्त को जिला स्तर पर नियोजन से जुड़े कर्मियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. 16 अगस्त तक क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक के स्तर से रोस्टर क्लीयरेंस किया जाएगा. इसके बाद 26 अगस्त तक नियोजन इकाई द्वारा कोटि एवं विषयवार खाली पदों की सूचना का प्रकाशन किया जाएगा.

नियोजन की प्रमुख तारीखें: 

  • 27 अगस्त 26 सितम्बर तक जमा होंगे आवेदन 
  • 27 सितम्बर से 9 अक्टूबर तक मेधा सूची की तैयारी
  • 14 अक्टूबर तक औपबंधिक मेधा सूची का अनुमोदन
  • 19 अक्टूबर तक औपबंधिक मेधा सूची का प्रकाशन
  • 21 अक्टूबर से 4 नवम्बर तक मेधा सूची पर आपत्ति ली जाएगी
  • 11 नवम्बर को आपत्तियों का निराकरण
  • 15 नवम्बर को मेधा सूची का अंतिम प्रकाशन
  • 18 से 22 नवम्बर तक मेधा सूची के अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्रों की जांच या सत्यापन
  • 25 नवम्बर को जिला परिषद व नगर निकाय द्वारा मेधा सूची का अनुमोदन
  • 26 नवम्बर को नियोजन इकाई द्वारा मेधा सूची का सार्वजनीकरण