बिहार सरकार ने चीनी कंपनी के साथ टेंडर किया रद्द, भारत-चीन तनाव के चलते लिया गया फैसला!

यह पुल महात्मा गांधी सेतु के समानांतर ही बनाया जाना है. माना जा रहा है कि गलवान झड़प में भारतीय सैनिकों की शहादत और चीन से तनाव के चलते यह फैसला लिया गया है.

बिहार सरकार ने चीनी कंपनी के साथ टेंडर किया रद्द, भारत-चीन तनाव के चलते लिया गया फैसला!
महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बनने वाले नए पुल का टेंडर रद्द कर दिया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: चीन के साथ हुए विवाद के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पटना में गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बनने वाले नए पुल का टेंडर रद्द कर दिया है. शनिवार को दोबारा टेंडर जारी किया गया है. इसमें एजेंसियों से 29 जुलाई तक प्रस्ताव मांगे गए हैं. 31 जुलाई को इस पर अंतिम फैसला होगा.

महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बनने वाले चार लेन के नए पुल के लिए सात एजेंसियों ने टेंडर डाला था. इस पूरे प्रोजेक्ट को साढ़े तीन साल में पूरा किया जाना है और इसकी लागत करीब 29.26 अरब रुपए है. नए टेंडर प्रस्ताव को 31 जुलाई को खोला जाएगा और सभी कार्यों की जांच के आधार पर निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा.

साढ़े तीन साल में निर्माण का लक्ष्य पूरा करने वाले 5.634 किलोमीटर लंबे इस पुल की शुरुआत पटना के जीरो केमाइल से होगी, जो हाजीपुर के रामाशीष चौक को जोड़ेगी. एप्रोच रोड के साथ इस प्रस्तावित पुल की लंबाई 14.5 किलोमीटर है. आधुनिक तकनीक से बनने वाले इस पुल में एक्स्ट्रा डोज केबल होगा, जिसका स्पैन 242 मीटर होगा.

टेंडर रद्द होने की वजह
टेंडर इसलिए कैंसिल किया गया क्योंकि इसमें शामिल कॉन्ट्रैक्टर में पार्टनर चीन के थे. Gamon इंडिया एंड टाटा पावर प्रोजेक्ट के पास टेंडर था. पटना में मेगा ब्रिज प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. यह पुल मशहूर महात्मा गांधी सेतु के समानांतर ही बनाया जाना है. माना जा रहा है कि गलवान झड़प में भारतीय सैनिकों की शहादत और चीन से तनाव के चलते यह फैसला लिया गया है.

हाल ही में इंडियन ट्रेडर्स के संगठन सीएआईटी (CAIT) ने 500 चीनी प्रोडक्ट्स की लिस्ट जारी की थी और इनका बायकॉट करने की अपील की थी.

पुल निर्माण डिटेल्स
14.500 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में गांधी सेतु के समानांतर 5.6 किलोमीटर लंबा पुल बनाना शामिल है. इसके अलावा 4 अंडरपास, एक रेल ओवर ब्रिज, 1580 मीटर लंबा पुल, 4 छोटे पुल, 5 बस शेल्टर और 13 रोड जंक्शन बनाए जाने हैं.
 
जानकारी के मुताबिक, बिहार में कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिनमें चाइनीज कंपनी सहयोगी की भूमिका में है. पटना के R ब्लॉक दीघा 6 लेन हाई वे का निर्माण Gawar हरियाणा की कंपनी कर रही है. इसकी भी पार्टनर चाइनीज कंपनी है. वहीं, कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा कहते हैं कि बीजेपी-जेडीयू की सरकार दिखावे के लिए चाइनीज प्रोडक्ट के विरोध की बात करते हैं. लेकिन हकीकत में इनकी सरकार ने कई चाइनीज कंपनियों को बिहार में टेंडर दे रखा है.

वहीं, मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा है कि, कुछ तकनीकी खामियों के कारण टेंडर रद्द किया गया है. फिर से टेंडर लिया जा रहा है. सरकार की बात नही है पीएम की अपील के बाद, आम जनमानस में चाइनीज प्रोडक्ट के विरोध को लेकर माहौल बन रहा है.