बिहारः 50 की उम्र पार कर चुके शिक्षकों को दी जाएगी जबरन रिटायरमेंट !

बिहारः 50 की उम्र पार कर चुके शिक्षकों को दी जाएगी जबरन रिटायरमेंट !
पटना में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी (फोटोः एएनआई)

नई दिल्लीः बिहार में नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के बाद राज्य का शिक्षा विभाग इंटर के खराब रिजल्ट को लेकर बड़ा फैसला कर सकता है. मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो बिहार सरकार राज्य में शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सख्त कदम उठाने जा रही है. हिंदी दैनिक में छपी खबर के मुताबिक बिहार सरकार राज्य की इंटर परीक्षा में जीरो रिजल्ट देने वाले विद्यालयों के 50 साल से अधिक उम्र वाले टीचर्स को हटाने पर विचार कर रही है. खबर है कि इन टीचर्स को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory retirement) दी जाएगी. अखबार ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग के इस कड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. 

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आपको बता दें कि बिहार में 250 ऐसे स्कूल हैं जिनमें इस साल इटंर की परीक्षा में एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है. ऐसे में सरकार के नए फैसले के मुताबिक वहा के शिक्षकों पर गाज गिरेगी. शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है. इसके अलावा राज्य सरकार अब खराब रिजल्ट वाले जिलों में तैनात शिक्षा विभाग के अफसरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करेगी. संबंधित शैक्षिक सत्र में उन जिलों में तैनात अफसरों की सूची तैयार की जा रही है.

ये स्कूल भी हैं कार्रवाई के दायरे में 

इंटर की परीक्षा में जीरो रिजल्ट देने वाले स्कूलों के अलावा राज्य सरकार की नजर उन बिहार के स्कूलों पर भी है, जहां बामुश्किल पांच प्रतिशत परीक्षा परिणाम हुआ. वैसे पहले चरण में शून्य परीक्षा परिणाम वाले जिलों को लिया जाएगा.
 
एक महीने के अंदर होगी कार्रवाई

बिहार राज्य शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री केपी वर्मा, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन विशेष रूप से शामिल हुए. फैसले की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि 50 से ऊपर के शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने का काम माह भर के भीतर होगा. ऐेसे विद्यालय पूर्व से चिन्हित हैं.

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इंटर परीक्षा का पैटर्न भी बदलेगा 

सरकार इस बार इंटर परीक्षा में परीक्षा के प्रारूप में बदलाव करने जा रही. परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्न की संख्या बढ़ेगी. इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा. पात्रता परीक्षा में 3 बार फेल हुए शिक्षक तुरंत हटाए जाएंगे. राज्य सरकार के मुताबिक वैसे नियोजित शिक्षक जो पात्रता परीक्षा में तीन बार फेल हो गए हैं, उन्हें सरकार तुरंत स्कूल से बाहर करेगी. उनके मामले में किसी तरह का विचार नहीं किया जाएगा.

स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई 

बिहार में सरकार अब अंग्रेजी, विज्ञान और गणित के शिक्षकों की अनुपलब्धता को दूर किए जाने को लेकर यह निर्णय लिया है कि हाई स्कूलों और प्लस टू स्कूलों में इन विषयों की पढ़ाई स्मार्ट क्लास के माध्यम से होगी. इसके लिए बाहर की एजेंसी तय होगी.

स्कूली बच्चों को मिलेंगी मुफ्त किताबें 

स्कूली बच्चों को अभी तक सरकार से मुफ्त किताबें नहीं मिली हैं. मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में यह निर्णय हुआ कि सितंबर में किताबें मिल जाएंगी. जिस केंद्र सरकार के उपक्रम को इन किताबों के प्रकाशन के लिए कागज उपलब्ध कराना था, वह बंद हो गई. सरकार ने नया फैसला लिया है कि जो प्रकाशन संस्थान किताबें प्रकाशित करेगा उसे ही कागज की व्यवस्था करनी है.

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स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए बनेगा निगम

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की योजना रफ्तार नहीं पकड़ रही है. बीस हजार आवेदनों में अब तक मात्र चार हजार आवेदन ही राज्य भर में स्वीकृत हुए हैं. सरकार ने बैकों के रवैये से परेशान हो यह तय किया है कि अब इसके लिए वित्त निगम की तर्ज पर एक निगम बनाया जाएगा.

राज्य में फिर शुरू होगी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जात व अल्पसंख्यकों को मिलने वाली पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पुन: शुरू होगी. बाद में इसके लिए भी एक सोसायटी का गठन होगा.