मजबूरी में न जाना पड़े बाहर, इसलिए बिहार सरकार सबको यहीं देगी रोजगार: नीतीश कुमार

अनुपम कुमार ने कहा कि, रोजगार मुहैया करना सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है. सभी विभाग इसका अनुश्रवण कर रहे हैं.

मजबूरी में न जाना पड़े बाहर, इसलिए बिहार सरकार सबको यहीं देगी रोजगार: नीतीश कुमार
मजबूरी में न जाना पड़े बाहर, इसलिए बिहार सरकार सबको यहीं देगी रोजगार: नीतीश कुमार. (फाइल फोटो)

पटना: सूचना जन-सम्पर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने कहा कि, कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बुधवार को त्रिस्तरीय पंचायतीराज के प्रतिनिधियों, नगरनिकाय के प्रतिनिधियों, जीविका दीदी एवं सरकारी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से संबोधित किया.

'लोगों का जागरुक रहना बेहद जरुरी'
सीएम ने कहा कि अनलॉकडाउन में गतिविधियां बढ़ी हैं, ऐसे में लोगों का जागरुक रहना बेहद जरुरी है. लोगों को जागरुक कर स्वास्थ्य विभाग के सलाह का पालन करने के लिए प्रेरित करना अहम है. मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों से सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन करने, मास्क पहनने, संक्रमण के किसी लक्षण को नहीं छुपाने को लेकर अपने अपने क्षेत्र में लोगों को जागरुक करने की अपील की. उन्होंने कहा कि, लोग घबराएं नहीं कोरोना से लोग ठीक हो रहे हैं.

बुजुर्ग-बच्चों और गर्भवती महिलाओं का रखें ध्यान
मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की है कि, वलनेरेवल सेक्शन यानी 65 साल से अधिक, 10 वर्ष से कम उम्र के लोग, गर्भवती महिलाएं या किसी अन्य बीमीरियों से ग्रस्त लोगों पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि इनमें संक्रमण का ज्यादा खतरा होता है.

'सबको यहीं दिया जाएगा रोजगार'
सूचना सचिव ने बताया कि, मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि, किसी को मजबूरी में रोजगार के लिए बाहर ना जाना पड़े, सबको यहीं रोजगार दिया जाएगा. रोजगार मुहैया करना सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है. सभी विभाग इसका अनुश्रवण कर रहे हैं. लॉकडाउन के समय से अब तक 4 करोड़ 61 लाख मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है.

1 हजार की आर्थिक मदद की जा रही
सूचना सचिव ने कहा कि, बुधवार तक कोरोना संक्रमण के समय में जो कार्य किए गए जैसे- राशनकार्डधारी परिवारों को 1000 रुपए की सहायता राशि, चिन्हित गैर राशनकार्डधारी सुयोग्य परिवारों को 1000 रुपए की सहायता राशि, बिहार के बाहर फंसे प्रत्य्क व्यक्ति को 1000 रुपए की सहायता एवं अन्य जो कार्य किए गए हैं. इसमें कुल मिलाकर अभी तक 8538 करोड़ 62 लाख रुपए व्यय हो चुका है.

क्वारेंटाइन सेंटर में आवसित लोगों का खर्च उठा रही सरकार
इसके अलावा किसानों के लिए कृषि इनपुट अनुदान के तौर पर 730 करोड़ की राशि एवं स्वास्थ्य विभाग को कोरोना उन्मूलन कोष में 180 करोड़ प्रावधानित की जा चुकी है. क्वारेंटाइन सेंटर में 14 दिनों के लिए रहने वाले लोगों का खर्च राज्य सरकार उठा रही है. क्वारेंटाइन सेंटर में रहने वाले औसत प्रति व्यक्ति व्यय 5300 रुपए का हो रहा है.

37 आपदा केंद्र चलाए जा रहे
सूचना सचिव ने कहा कि, फिलहाल 37 आपदा राहत केंद्र चलाए जा रहे हैं, जिसका लाभ 5 हजार 5 सौ लोग उठा रहे हैं. अभी 11 हजार 1 सौ 67 ब्लॉक क्वारेंटाइन सेंटर में 4 लाख 29 हजार 1 सौ 74 लोग आवासित हैं. अब तक ब्लॉक क्वारेंटाइन सेंटर में कुल 14 लाख 67 हजार 56 लोग रह रहे हैं. इनमें से 10 लाख 37 हजार 8 सौ 82 लोगों के क्वारेंटाइन पीरियड पूरा होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है.

5 फीसदी लोग कोरोना संक्रमित
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि, बिहार में अब तक कोरोना संक्रमण के 84729 जांच किए जा चुके हैं. जिनमें से 4273 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, यानी कुल जांच का 5 फीसदी लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. पिछले 24 घंटे में कोरोना के 224 नए मामले सामने आए हैं और 222 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं. अब तक कुल 2025 लोग कोरोना से स्वस्थ्य होकर घर जा चुके हैं, यानी कोरोना से रिकवरी रेट 47 फीसदी है. 3 मई के बाद आए प्रवासियों के सैंपल जांच किए गए जिनमें 3079 पॉजिटिव पाए गए.

लॉकडाउन पर पुलिस सख्त
वीडियो कांफ्रेंसिंग में एडीजी पुलिस मुख्यालय जितेंद्र कुमार ने कहा कि, गृह मंत्रालय (MHA) के गाइडलाइंस का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. इसके उल्लंघन को लेकर पिछले 24 घंटे में अब तक 3 एफआईआर (FIR) दर्ज किए गए हैं और 2 लोगों को गिरफ्तार हुए हैं.