पटना: प्रदूषण नियंत्रण परिषद में बोले सीएम नीतीश, बिहार में स्थिति अलर्ट पर

मुख्यमंत्री पटना में प्रदूषण नियंत्रण परिषद की अध्यक्षता कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्यावरण पर जारी की गई रिपोर्ट में बताया गया कि बिहार के तीन शहरों के हालात और भी खराब हैं.

पटना: प्रदूषण नियंत्रण परिषद में बोले सीएम नीतीश, बिहार में स्थिति अलर्ट पर
प्रदूषण नियंत्रण परिषद में मुख्यमंत्री कुमार और उपमुख्यमंत्री मोदी. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण परिषद की राष्ट्रीय सम्मेलन में सभी राज्यों के प्रतिनिधियों के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पर्यावरण संकट को नियंत्रित करना होगा. वैसे तो देश भर में इसको लेकर काम हो रहा है लेकिन बिहार में स्थिति अलर्ट पर है और काफी चिंतनीय है. 

मुख्यमंत्री पटना में प्रदूषण नियंत्रण परिषद की अध्यक्षता कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्यावरण पर जारी की गई रिपोर्ट में बताया गया कि बिहार के तीन शहरों के हालात और भी खराब हैं. रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने इस पर काम करना शुरू किया. सरकार ने 15 साल पुराने डीजल वाहनों पर पहले तो रोक लगा दी. यह काम सिर्फ पटना में नहीं किया गया बल्कि आसपास के शहरों में भी किया गया. सीएम ने बताया कि उन वाहनों की जगह पर ई-वाहन को ज्यादा प्रोत्साहित किया गया. 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सबसे पहले बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों को उपलब्ध कराया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून और नियम बने हुए हैं. लेकिन लोगों तक जब तक इसकी जानकारी और जागरूकता नहीं होगी तब तक उतना लाभ नहीं मिलता. इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा.  

बिहार म्यूजियम में आयोजित प्रदूषण नियंत्रण परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी थे. इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि प्रदूषण से जुड़े मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा करनी होगी. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 10 साल पहले इलेक्ट्रॉनिक बेस्ड सोच नहीं थी. जो कंपनियां बाजार में प्रोडक्ट को जिस चैनल से लॉन्च करती हैं, उसी चैनल से ई-कचड़े को वापस भी लें जो वो अमूमन नहीं करतीं. 

इसके अलावा उन्होंने कहा कि अब बायो-वेस्ट को समुचित तरीके से डिस्पोज करना होगा. बिहार में आधे से अधिक अस्पतालों में इसका डिस्पोजल किया जा रहा है.