बिहार: बुतरुआ, मोबइलबा, बैरलवा बोलकर फंसे 'अनंत सिंह', 24 शब्दों ने बढ़ाई मुश्किलें

एफएसएल की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने जो मेमोरी कार्ड सौंपा था उसे इस केस का 'प्रदर्श ए' कहा गया था और अनंत सिंह की आवाज का जो नमूना वहां रिकॉर्ड किया गया.

बिहार: बुतरुआ, मोबइलबा, बैरलवा बोलकर फंसे 'अनंत सिंह', 24 शब्दों ने बढ़ाई मुश्किलें
एक अगस्त को बिहार पुलिस मुख्यालय स्थित लैब में उनकी आवाज का नमूना लिया गया था.

पटना: बिहार के मोकामा के बाहुबली निर्दलीय विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें अब और भी बढ़ गई हैं. पंडारक के अपराधी भोला सिंह और उसके भाई मुकेश सिंह की हत्या की साजिश रचने वाले मामले में उनकी आवाज का नमूना वायरल ऑडियो क्लिप्स से मैच कर गया. बीते एक अगस्त को बिहार पुलिस मुख्यालय स्थित लैब में उनकी आवाज का नमूना लिया गया था.

इस नमूने में उनसे कई तरह की बातें बुलवाई गई थी. एफएसएल की रिपोर्ट के अनुसार घोड़ा, सिक्सर, मुखिया, 56 (एके-56), बुतरूआ (बच्चा), अदमिया (आदमी), सिस्टम यानी हथियार, बैरलवा यानी बंदूक की नाल या बैरल, एकदम बरियार यानी मजबूत, जैसे शब्दों को दोनों ऑडियो क्लिप से मैच कराया गया. 

 

इन शब्दों ने ही विधायक का खेल बिगाड़ा और विधायक फंस गए हैं. एफएसएल की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने जो मेमोरी कार्ड सौंपा था उसे इस केस का 'प्रदर्श ए' कहा गया था और अनंत सिंह की आवाज का जो नमूना वहां रिकॉर्ड किया गया. उससे उसे 'प्रदर्श बी' बताया गया था. दोनों ऑडियो क्लिप का मिलान कराया गया. इन ऑडियो क्लिप्स में से दोनों प्रदर्श से 24 शब्दों का मिलान कराया गया और सभी 24 के 24 शब्द मैच कराए गए.

पुलिस द्वारा बरामद किए गए मेमोरी कार्ड में हुई बातचीत में से भी 24 शब्द निकाले गए और वहीं, 24 शब्दों को अनंत सिंह से बुलवाया गया था. अनंत सिंह से हुई बातचीत में भी यह ध्यान रखा गया था कि इन्हीं शब्दों का इस्तेमाल कराया जाए. टेस्ट में सभी 24 के 24 शब्द हूबहू मेल खा गए हैं. एफएसएल के वैज्ञानिकों ने स्पष्ट कर दिया है कि दोनों आवाज बिल्कुल एक समान है और इसमें कहीं से किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं है.

गौरतलब है कि पुलिस ने पटना जिले के पंडारक थाना क्षेत्र से तीन अपराधियों को उस वक्त गिरफ्तार किया था. जब गांव के लोग उन्हें पीट रहे थे तो मौके पर पुलिस भी वहां पहुंची थी. इसके बाद पूरी हत्या की साजिश का खुलासा हुआ था. पुलिस ने एक मेमोरी कार्ड बरामद किया था और इसके बाद ही यह मामला खुला था कि किस तरह अनंत सिंह हत्या की पूरी प्लानिंग कर रहे थे.

इसके बाद पंडारक थाना में मामला दर्ज किया गया था और अनंत सिंह को अपनी आवाज का नमूना देने के लिए बुलाया गया था. अनंत सिंह न्यायिक हिरासत में बेउर जेल में बंद है. पंडारक थाना कांड संख्या 75/19 जो कि भोला सिंह की हत्या की साजिश और हथियारों की बरामदगी से जुड़ा हुआ है, इस मामले के भी अभियुक्त लल्लू मुखिया, लल्लू का भाई रणवीर यादव, चंदन सिंह और तीन शूटर जेल में बंद हैं. जहानाबाद का कुख्यात अपराधी विकास सिंह अभी फरार है.