बिहार एमएलसी चुनाव: राजद-जदयू-कांग्रेस गठबंधन को झटका, राजग को मिली 12 सीटें

बिहार विधानसभा चुनावों से पहले राजद-जदयू-कांग्रेस गठबंधन को शुक्रवार को उस वक्त करारा झटका लगा जब राज्य विधान परिषद की 24 सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाले राजग ने 12 सीटों पर कब्जा जमा लिया।

बिहार एमएलसी चुनाव: राजद-जदयू-कांग्रेस गठबंधन को झटका, राजग को मिली 12 सीटें

पटना : बिहार विधानसभा चुनावों से पहले राजद-जदयू-कांग्रेस गठबंधन को शुक्रवार को उस वक्त करारा झटका लगा जब राज्य विधान परिषद की 24 सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाले राजग ने 12 सीटों पर कब्जा जमा लिया।

राजद-जदयू-कांग्रेस गठबंधन, जो 10 सीटें जीतने में कामयाब रहा, को मात देते हुए भाजपा ने 11 सीटों पर जीत हासिल की जबकि उसकी सहयोगी पार्टी लोजपा को एक सीट से संतोष करना पड़ा।

चुनाव आयोग ने 23 सीटों के नतीजे घोषित किए हैं। बेगूसराय सीट का नतीजा घोषित होना बाकी है। सूत्रों ने बताया कि भाजपा उम्मीदवार रजनीश कुमार को बेगूसराय सीट पर जीत हासिल हुई है, लेकिन परिणाम इसलिए घोषित नहीं किया गया क्योंकि मतों की फिर से गिनती की जा रही है।

सत्ताधारी जदयू ने पांच सीटें जीती जबकि उसकी सहयोगी पार्टी राजद को चार सीटें मिली। कांग्रेस को एक सीट से संतोष करना पड़ा है। बेउर जेल में बंद निर्दलीय उम्मीदवार रीतलाल यादव ने पटना सीट से जीत दर्ज की। एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार अशोक कुमार अग्रवाल को कटिहार सीट पर सफलता मिली है।

विधान परिषद चुनाव के नतीजे राजद, जदयू और कांग्रेस की कोशिशों को जबर्दस्त झटका है। इन तीनों पार्टियों ने भाजपा की अगुवाई वाले राजग को मात देने के लिए साथ आने का फैसला किया था। विधान परिषद की 24 सीटों में से 13 पहले जदयू के खाते में थी, जबकि पांच भाजपा, तीन राजद और तीन निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में थी।

धर्मनिरपेक्ष गठबंधन में सीटों के बंटवारे के मुताबिक जदयू और राजद ने 10-10 उम्मीदवार उतारे थे जबकि कांग्रेस ने तीन और राकांपा ने एक उम्मीदवार उतारे थे। राजग में भाजपा ने 18, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की लोजपा ने चार जबकि केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा ने दो सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे।

भाजपा की सहयोगी रालोसपा ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन एक पर भी उसे सफलता नहीं मिली। शरद पवार की राकांपा ने कटिहार सीट से अपना उम्मीदवार उतारा था लेकिन उसे भी हार का सामना करना पड़ा।

भाजपा ने दावा किया कि चुनाव के नतीजे जदयू सरकार और खासकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ लोगों के गुस्से का इजहार है। बहरहाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि चुनाव के नतीजे लोगों की राय को नहीं दर्शाते क्योंकि इसमें वोटरों की बहुत सीमित संख्या ने हिस्सेदारी की थी।