जलजमाव पर सरकार की कार्रवाई पर भड़का विपक्ष, कहा- छोटे कर्मचारी बने बली का बकरा

बिहार में कथित 'सुशासन' की सरकार के मुखिया नीतीश कुमार ने कार्रवाई करते हुए बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्च डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बुडको) के 11 अभियंताओं सहित नगर निगम के कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.  

जलजमाव पर सरकार की कार्रवाई पर भड़का विपक्ष, कहा- छोटे कर्मचारी बने बली का बकरा
विपक्ष का कहना है कि इस जलजमाव के लिए सरकार छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बना रही है.

पटना: बिहार की राजधानी पटना में जलजमाव के एक पखवाड़े के बाद जगी बिहार में कथित 'सुशासन' की सरकार के मुखिया नीतीश कुमार ने कार्रवाई करते हुए बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्च डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बुडको) के 11 अभियंताओं सहित नगर निगम के कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

इस कार्रवाई के बाद अब यह संभावना जताई जा रही है कि कुछ अभियंताओं पर गाज गिर सकती है. परंतु, विपक्ष अब इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर ही सवाल उठा रहा है. विपक्ष का कहना है कि इस जलजमाव के लिए सरकार छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बना रही है. 

आरजेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंगलवार को सरकार पर इस कार्रवाई को लेकर जमकर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट किया, 'जनता को हर वर्ष बड़ी-बड़ी मानव निर्मित व भ्रष्टाचार जनित आपदाओं और कुप्रबन्धन के गटर में धकेलने वाले तथाकथित सुशासन बाबू की कहीं कोई जिम्मेदारी क्यों नहीं है? पलटीमार लोग चाहते हैं कि सत्ता इन्हें हर सुख, भोग-विलास दे, बस जिम्मेदारी न दे.'

तेजस्वी ने केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने पर आगे लिखा, 'मुख्यमंत्री बताएं कि क्या ये इंजीनियर जल जमाव, नाला, सीवर, नमामि गंगे और ड्रेनेज संबंधित निर्णय और पॉलिसी मेकिंग सिस्टम के हिस्सा थे? विडंबना है कि सारी नीतियां आप और आपके बड़े भ्रष्ट अधिकारी बनाते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार की लीपापोती के लिए कारण आप छोटे कर्मचारियों से पूछ रहे हैं?'

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया, 'नीतीश कुमार ने अपने व्यापक कुप्रबंधन व भ्रष्टाचार जनित जलजमाव के लिए चंद इंजीनियरों को 'शो काज' किया है, पर जनता ने इन्हें जो 'शो काज' किया है, उसपर क्यों चुप्पी साधे हैं? आप जो 14 साल से 'सो' रहे थे उस 'सो काज' पर भी कुछ बोलें. नक्षत्र और प्रकृति को शो काज क्यों नहीं किया? क्या हुआ?' 

कांग्रेस ने भी इस कार्रवाई को मात्र 'आईवॉश' बताया है. जेडीयू अब सरकार के बचाव में आ गई है. जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा, 'इस मामले में एक जांच समिति बनाई गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद बड़े अधिकारी अगर दोषी होंगे, तब उनपर भी कार्रवाई हो सकती है.'

उल्लेखनीय है कि सोमवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में चार घंटे से ज्यादा समय तक चली जलजमाव समीक्षा बैठक के बाद मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें कई विभागों के अधिकारी शामिल होंगे. यह समिति एक महीने के अंदर स्थिति रिपोर्ट देगी, जिसके बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी. अभी और अधिकारियों पर गाज गिर सकती है. 

उन्होंने बताया कि बुडको के मुख्य अभियंता सहित 11 अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इसके अलावा पटना नगर निगम के कंकड़बाग अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी और मुख्य सफाई निरीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है. इसके अलावा बांकीपुर के कार्यपालक अधिकारी, मुख्य सफाई निरीक्षक और सभी 12 सफाई निरीक्षकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इसके अलावा छह सफाई निरीक्षकों को निलंबित किया गया है. 

उल्लेखनीय है कि सितंबर महीने के अंतिम दिनों में अत्यधिक बारिश के बाद पटना के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी. पटना के कई इलाकों में अभी भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. (इनपुट IANS से भी)