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बिहार: पंचायत का तुगलकी फरमान- शाम से पहले घर आएं और परिजनों के सामने फोन पर बात करें लड़कियां

पंचायत ने छात्राओं के मोबाइल इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है. इतना ही नहीं पंचायत ने शाम के बाद छात्र-छात्राओं को घर से निकलने पर भी रोक लगाई है. 

बिहार: पंचायत का तुगलकी फरमान- शाम से पहले घर आएं और परिजनों के सामने फोन पर बात करें लड़कियां
सैकड़ो ग्रामीणों ने एक बैठक आयोजित कर समाज की कुरीतियों को दूर करने का संकल्प लिया.

मधुबनी: बिहार के मधुबनी में पंचायत ने तुगलकी फरमान सुनाया है. पंचायत ने छात्राओं के मोबाइल इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है. पंचायत ने कहा है कि अगर लड़कियों को अपने रिश्तेदारों से बात करना हो तो वो अपने अभिभावकों के सामने से बात करेंगी.  इतना ही नहीं पंचायत ने शाम के बाद छात्र-छात्राओं को घर से निकलने पर भी रोक लगाई है. जनप्रतिनिधि ने कहा है पंचायत कि परिजनों को आदेश के उल्लंघन पर सख्त सजा दी जाएगी. 

बासोपट्टी प्रखंड के अंतर्गत हत्थापुर परसा पंचायत के परसा गांव में सैकड़ो ग्रामीणों ने एक बैठक आयोजित कर समाज की कुरीतियों को दूर करने का संकल्प लिया. साथ ही कई तुगलकी फरमान भी जारी किया. यहीं नही फैसला नही मानने वाले क विरुद्ध सामाजिक स्तर पर करवाई करने का भी निर्णय लिया गया. बैठक की अध्यक्षता स्थानीय सरपंच योगेन्द्र मंडल ने किया.

 

पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियों के लिये मोबाइल पर प्रतिबंध लगेगा. अगर लड़कियों को अपने रिश्तेदारों से बात करना हो तो वो अपने अभिभावकों के सामने से बात करेंगी. वहीं, लड़कियों को शाम से पहले अपने घर लौट जाने की अपील भी की गई. रात व शाम के समय मे लड़कियों को घर से बाहर शौच के लिये निकलने पर रोक लगाई गई.

पंचायत ने जुआरियों के खेल पर भी रोक लगाया गया है. गांव मे शराब का सेवन व बिक्री करने पर भी रोक लगाई गई है. ग्रामीणों ने कहा कि अगर समाज मे कोई शराब पीकर हंगामा करेंगे उनके खिलाफ प्रशासन को सूचित किया जायेगा. पूर्व मुखिया संयोग लाल यादव ने कहा पंचायत के निर्णय का सख्ती से पालन किया जाएगा अगर कोई छात्रा उल्लंघन करते पायी जाएंगी तो छात्रा के साथ परिजनों को भी सजा दी जाएगी.

पंचायत के इस तुगलकी फरमान से छात्राओं में आक्रोश है. उनका कहना है कि ये फैसला सिर्फ छात्राओं के लिए ही क्यों लाया गया है. इस समय में घर से बाहर रहने पर मोबाइल के माध्यम से ही अपने परिजनों के सम्पर्क में रहती हैं.