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सुरक्षा के लिए जुटाई जा रही थी RSS से जुड़े संगठनों की जानकारी : बिहार पुलिस

सूत्रों का कहना है कि गृह विभाग ने विशेष शाखा को इस आदेश के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें पूछा गया है कि आखिर ऐसे पत्रों को जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी.

सुरक्षा के लिए जुटाई जा रही थी RSS से जुड़े संगठनों की जानकारी : बिहार पुलिस
चिट्ठी मामले में बिहार पुलिस की सफाई.

पटना : बिहार पुलिस की विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच) के एक अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके अनुषांगिक संगठनों और उसके अधिकारियों की जानकारी इकट्ठा करने के फरमान के तूल पकड़ने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने सफाई देते हुए कहा कि सुरक्षा के लिए यह जानकारी जुटाई जा रही थी. अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) जे एस गंगवार ने बुधवार को कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों की जानकारियां जुटाई जा रही थी. 

गंगवार ने सफाई देते हुए कहा, "आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा आदेश निर्गत हुआ है. उसकी जानकारी किसी भी अन्य वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग को नहीं थी." 

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उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने अपने ही स्तर से पत्र भेजकर समान्य सूचना और जानकारी मांगी है. उन्होंने हालांकि कहा कि जिस तरह यह पत्र निर्गत किया गया, उसकी जांच कराई जाएगी. 

एडीजी ने कहा, "विशेष शाखा को विभिन्न स्रोत से इनपुट मिलती रहती है. सुरक्षा के संबंध में लगातार सूचनाएं भी प्राप्त होती हैं जिसके आधार पर विशेष शाखा काम करती है." 

इस बीच, सूत्रों का कहना है कि गृह विभाग ने विशेष शाखा को इस आदेश के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें पूछा गया है कि आखिर ऐसे पत्रों को जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी. इस आदेश पत्र के सार्वजनिक हो जाने के बाद से बिहार की सियासत में भूचाल आ गया. 

विशेष शाखा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके अनुषांगिक संगठनों और उसके अधिकारियों की जानकारी इकट्ठा करने का फरमान जारी किया है. यह आदेश इस साल 28 मई को विशेष शाखा ने सभी क्षेत्रीय पुलिस उपाधीक्षक, विशेष शाखा और सभी जिला विशेष शाखा के पदाधिकारी को जारी किया गया है. 

इस आदेश में इन संगठनों के पदाधिकारियों का नाम और पते की जानकारी इकट्ठा कर एक सप्ताह में मांगा गया है. इस आदेश पत्र में 'इसे अतिआवश्यक' बताया गया है. 

विशेष शाखा की ओर से जारी आदेश में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण समिति, धर्म जागरण समन्वय समिति, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, हिंदू राष्ट्र सेना, राष्ट्रीय सेविका समिति, शिक्षा भारती, दुर्गा वाहिनी, स्वेदशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय रेलवे संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ, हिंदू महासभा, हिंदू युवा वाहिनी, हिंदू पुत्र संगठन के पदाधिकारियों का नाम और पता मांगा गया है. 

इस आदेश की प्रति सार्वजनिक होने पर पुलिस अधिकारी और बीजेपी के साथ मिलकर बिहार में सरकार चला रहे जेडीयू के नेता कुछ भी नहीं बोल रहे हैं. बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने हालांकि इस संबंध में पूछे जाने पर इतना कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं. उन्होंने कहा, "मुझे इसकी जानकारी नहीं है. मैं पार्टी का छोटा कार्यकर्ता हूं. यह मुझे नहीं मालूम." 

इधर, बीजेपी के नेता और मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आरएसएस सामाजिक दायित्वों को निभाने वाला संगठन है. विपक्षी दल इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष पर निशना साध रही है. 

बीजेपी विधायक नितिन नवीन ने बिहार सरकार के विशेष शाखा से आरएसएस की जांच पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि इस मामले को लेकर बड़े पदाधिकारियों को अवगत कराया गया है. उन्होंने कहा, "हमारे और आरएसएस का जीवन खुली किताब की तरह है."