पटना यूनिवर्सिटी में हुई सीनेट की बैठक, साल 2019-20 के लिए 365.94 करोड़ का बजट पास

पटना यूनिवर्सिटी के सीनेट की बैठक में शनिवार को अहम फैसला लिया गया है.

पटना यूनिवर्सिटी में हुई सीनेट की बैठक, साल 2019-20 के लिए 365.94 करोड़ का बजट पास
पटना यूनिवर्सिटी में सीनेट की बैठक की गई.

पटनाः पटना यूनिवर्सिटी के सीनेट की बैठक में शनिवार को अहम फैसला लिया गया है. करीब 4 घंटे तक चली इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए है. फैसले के तहत यूनिवर्सिटी ने साल 2019-20 के लिए 365.94 करोड़ का बजट पास किया है. इसके अलावा भी कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई है.

बिहार की लोकप्रिय यूनिवर्सिटी में शामिल पटना यूनिवर्सिटी की सिनेट बैठक में अहम फैसले लिए गए. शनिवार को हुई बैठक में 365.94 करोड़ का बजट पास किया गया है. यूनिवर्सिटी ने साल 2019-2020 के लिए यह बजट सरकार के पास भेजा है. यूनिवर्सिटी को छात्रों ,व्यवसायिक पाठ्यक्रम सहित दूसरे मदों से 32.42 करोड़ की आमदनी हुई है.

यूनिवर्सिटी के कुलपति रासबिहारी प्रसाद सिंह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण के नाम पर सभागार बनाया जाएगा. पटना कॉलेज के करीब बनने वाले इस सभागार में 1500 लोगों की बैठने की क्षमता होगी. जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने अपनी सांसद निधि से 2 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है.

आपको बता दें कि वशिष्ठ नारायण सिंह पटना यूनिवर्सिटी के छात्र रहे हैं. सीनेट की बैठक में कुलपति ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही प्रोफेसर की कमी खत्म हो जाएगी. इस वक्त पटना यूनिवर्सिटी में 888 शिक्षकों के पद है जिसमें सिर्फ 305 ही स्थायी है. ऐसे में छात्रों को पढ़ाई में काफी परेशानियां उठानी पड़ती है.

वहीं, कैबिनेट बैठक में यूनिवर्सिटी के सुरक्षा को लेकर भी बात की गई है. कहा गया है कि यूनिवर्सिटी की सुरक्षा और मजबूत की जाएगी और शैक्षणिक माहौल में भी सुधार किया जाएगा.

सिनेट की बैठक में कई सदस्य भी मौजूद थे. जिसमें से एक सदस्य ये यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर विवेकानंद के नाम पर रखने की सलाह दी. हालांकि इसका कुछ सदस्यों ने विरोध भी किया. सीनेट की सदस्य अनुप्रिया ने छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. कुलपति रासबिहारी प्रसाद सिंह ने इसके समाधान का वादा किया. वहीं, सदस्यों ने यूनिवर्सिटी में पार्किंग के लिए हो रही दिक्कतों का भी जिक्र किया. 

पटना यूनिवर्सिटी बिहार की सबसे लोकप्रिया यूनिवर्सिटी में से एक है. लेकिन सीनेट की बैठक में यह साफ हुआ है कि यूनिवर्सिटी का वित्तीय घाटा कुछ कम हुआ है. पिछले साल पटना यूनिवर्सिटी 24.30 करोड़ की आय हुई थी. वहीं, इस बार यूनिवर्सिटी को 32.42 करोड़ की आय हुई है.