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'स्वच्छता ही सेवा' अभियान से जुड़ने के लिए सुशील मोद ने की अपील

सुशील मोदी ने 15 सितम्बर-02 अक्तूबर, 2018 तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान से जुड़ने की अपील की है. 

'स्वच्छता ही सेवा' अभियान से जुड़ने के लिए सुशील मोद ने की अपील
'स्वच्छता ही सेवा' अभियान से बिहारियों को जुड़ने की अपील.

पटनाः उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिहार के सभी नागरिकों से अपील की है कि 15 सितम्बर-02 अक्तूबर, 2018 तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान से जुड़ने की अपील की है. 15 सितम्बर की सुबह 9.30 बजे प्रधानमंत्री इस अभियान की शुरुआत करेंगे और देश  के अनेक नामी-गिरामी हस्तियां अमिताभ बच्चन, श्री श्री रविशंकर, रतन टाटा, अक्षय कुमार, अनुष्का  शर्मा ,सचिन तेंदुलकर, पी बी सिंधु व साइना नेहवाल आदि इस अभियान का हिस्सा बनेंगी.
 
मोदी ने सभी पंचायत व जन प्रतिनिधियों से अपील की है कि बिहार के सभी प्रखंडों, पंचायतों व गांवों में 15 सितम्बर की सुबह 9.30 बजे प्रधानमंत्री का भाषण सुनने के बाद 10.30 बजे से एक घंटा श्रमदान कर अपने-अपने गांवों-घरों में साफ-सफाई करें, शौचालय निर्माण में सहयोग करें और इस अभियान से जुड़ने के लिए दूसरों को भी प्रेरित करें ताकि एक साल बाद 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती के मौके पर पूरे प्रदेश को हम स्वच्छ व हर घर में  शौचालय बनाने में सफल हो सके. 

बिहार में अभी तक पांच जिले रोहतास, सीतामढ़ी, शेखपुरा, मुंगेर और नालंदा खुले में  शौच से मुक्त हो चुके हैं. नवादा, बेगूसराय, पूर्वी चम्पारण और बक्सर जिलों में 72 से 78 प्रतिशत वहीं शिवहर में 98 प्रतिशत घरों में शौचालय का निर्माण हो चुका है. प्रदेश के 67 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बन चुका है. 

स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण) के अन्तर्गत देश  के अब तक 92 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में 8.4 करोड़  शौचालयों के निर्माण के साथ ही 19 राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों  के 4.4 लाख गांव खुले में  शौच  से मुक्त हो चुके हैं. 

‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के अन्तर्गत सार्वजनिक स्थानों की सामूहिक सफाई, कूड़ा संग्रहण, कूड़े का निपटान,  शौचालय के लिए गड्ढों की खुदाई, घर-घर स्वच्छता की बैठकें, गांवों व स्कूलों में रैलियों का आयोजन, वाल पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक, लोकगीत व नृत्य का आयोजन कर स्वच्छता का माहौल बनायें ताकि सम्पूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को अगले एक साल में हम हासिल कर सकें.