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रेखा मोदी के घर पर IT की छापेमारी पर सुशील मोदी की सफाई, '10 साल से नहीं मिला'

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की बहन रेखा मोदी के घर पर इनकम टैक्स विभाग की टीम ने छापेमारी की है.

रेखा मोदी के घर पर IT की छापेमारी पर सुशील मोदी की सफाई, '10 साल से नहीं मिला'
रेखा मोदी के घर पर आईटी की छापेमारी पर सुशील मोदी ने सफाई दी है. (फाइल फोटो)

पटनाः बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की बहन रेखा मोदी के घर पर इनकम टैक्स विभाग की टीम ने छापेमारी की है. इसके बाद बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. पहले भी रेखा मोदी के नाम पर विपक्ष सुशील मोदी पर हमलावर रहा है. जबकि सुशील मोदी ने पहले भी कहा था कि उनका रेखा मोदी से कोई लेना देना नहीं है. वह उनकी सगी बहन नहीं हैं.

वहीं, गुरुवार को आईटी की टीम ने पटना के एसपी वर्मा रोड स्थित रेखा मोदी के घर पर छापेमारी की है. दोपहर आईटी की टीम सरस्वती अपार्टमेंट स्थित फ्लैट पहुंचकर जांच कर रही है. हालांकि इस मामले में अभी कोई कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं.

वहीं, इस छापामारी कार्रवाई पर सुशील मोदी ने अपनी सफाई फिर दी है. उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट डालकर कहा है कि, 'रेखा मोदी मेरी दूर की चचेरी बहन है. मेरा उसके साथ किसी भी तरह का व्यापारिक या वित्तीय संबंध नहीं है. वह अपने भाई के साथ कई आपराधिक और सिविल मामलों में शामिल हैं. उसने एक मामले में मेरा भी नाम घसीटा है. लेकिन मैं उससे पिछले 10 सालों से नहीं मिला हूं.'

खबर है कि  इनकम टैक्स ने सृजन घोटाले मामले में कार्रवाई कर रही है. रेखा मोदी के घर पर पुलिस की टीम के साथ इनकम टैक्स विभाग की टीम जांच कर रही है. रेखा मोदी पर आरोप है कि उन्होंने सृजन संस्था के संचालक के जरिए आभूषणों की खरीद की है.

Bihar Sushil modi clarify on IT raid on Rekha Modi home

बिहार के चर्चित सृजन घोटाले में उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की बहन रेखा मोदी का नाम सामने आया था. इसके बाद बिहार में विपक्षी नेताओं ने खूब हंगामा किया था. साथ ही सुशील मोदी पर आरोप लगाया गया था कि वह अपने रिश्तेदारों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. 

आपको बता दें कि बिहार के भागलपुर जिले में सृजन नाम के एनजीओ को महिलाओं को रोजगार देने के लिए शुरू किया गया था. जिसमें 10 करोड़ रुपये के सरकारी चेक बाउंस होने के बाद एनजीओ में घोटाला होने का मामला सामने आया. जांच में पता चला था कि डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से बैंक से सरकारी पैसे को एनजीओ के खाते में डाला गया. इस मामले में अभी जांच जारी है.