मिथिला-मंजूषा पेंटिंग और टिकुली कला ने किया बिहार को गौरवान्वित, ट्रेड फेयर में मिलेगा पुरस्कार

राज्य के प्रमुख तीन कलाओं मिथिला पेंटिंग, मंजूषा पेंटिंग और टिकुली कला ने बिहार को एक बार फिर गौरवान्वित किया है.

मिथिला-मंजूषा पेंटिंग और टिकुली कला ने किया बिहार को गौरवान्वित, ट्रेड फेयर में मिलेगा पुरस्कार
ट्रेड फेयर में बिहार को किया जाएगा सम्मानित. (फाइल फोटो- Trade Fair)

नई दिल्ली/पटना : देश की राजधानी नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे 38वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में बिहार पवेलियन इस साल भी पुरस्कृत किया जायगा. पिछले 38 वर्षों से हो रहे इस आयोजन में वर्ष 2014 में उत्कृष्ट साज-सज्जा के लिए और वर्ष 2015 और 2016 में स्वच्छता के लिए बिहार को गोल्ड अवार्ड प्राप्त हुआ था. आईटीपीओ ने बिहार सरकार को इस साल भी पवेलियन को उत्कृष्ट साज-सज्जा और प्रदर्शन की श्रेणी में अवार्ड देने का विधिवत पत्र भेज दिया है. पुरस्कार 27 नवम्बर को प्रगति मैदान स्थित हंसध्वनि थियेटर में केंद्रिय वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा दिया जाएगा. 

राज्य के प्रमुख तीन कलाओं मिथिला पेंटिंग, मंजूषा पेंटिंग और टिकुली कला ने बिहार को एक बार फिर गौरवान्वित किया है. पुरस्कार बिहार के उद्योग विभाग के निदेशक पंकज कुमार सिंह, उप निदेशक उमेश सिंह और उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसन्धान संसथान के उप निदेशक अशोक कुमार सिन्हा संयुक्त रूप से ग्रहण करेंगे. उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान को बिहार पवेलियन सजाने संवारने के लिए पांचवीं बार नियुक्त किया गया था. 

बिहार सरकार के उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह ने 38वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में बिहार पवेलियन को पुरस्कृत किए जाने पर प्रसन्नता जाहिर की और आईटीपीओ का शुक्रिया अदा किया और पवेलियन में जीवंत प्रदर्शन कर रहे कलाकारों की हौसलाअफजाई की. 

उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंघान संस्थान के उप निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार मंडप को इस वर्ष प्रगति मैदान के हाल नं 12 में आईटीपीओ द्वारा इस वर्ष मेले की थीम 'रूरल ईटरप्राइजेज ऑफ इंडिया' के अनुरूप नायाब रूप दिया गया है. बिहार को इस वर्ष मात्र 133 वर्ग मीटर जगह ही आवंटित हुआ था. इतने कम जगह में ही बिहार पवेलियन को मिथइला पेंटिंग, मंजूषा पेंटिंग और टिकुली कला से खूबसूरती से सजाया गया है. 

इस वर्ष मेले में बिहार पवेलियन के अन्दर एप्लिक, सजनी कला, टिकुली पेंटिंग, हैंडलूम, मिथिला पेंटिंग और मंजूषा पेंटिंग कलाओं के सात स्टाल लगाए गए थे और इनमें रिकार्ड बिक्री भी हुई है.