बिहार की समृद्ध विरासत को लेकर राष्ट्रपति की लोगों से अपील, कहा-इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आप की
X

बिहार की समृद्ध विरासत को लेकर राष्ट्रपति की लोगों से अपील, कहा-इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आप की

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) ने कहा कि भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और गुरु गोविंद सिंह की आध्यात्मिक धाराओं से सिंचित बिहार की धरती का उनके ऊपर विशेष आशीर्वाद है. 

बिहार की समृद्ध विरासत को लेकर राष्ट्रपति की लोगों से अपील, कहा-इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आप की

Patna: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) ने कहा कि भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और गुरु गोविंद सिंह की आध्यात्मिक धाराओं से सिंचित बिहार की धरती का उनके ऊपर विशेष आशीर्वाद है. उन्होंने कहा कि आप सब उस समृद्ध विरासत के उत्तराधिकारी हैं और अब उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी बिहार के सभी निवासियों की है. 

शताब्दी समारोह को किया  संबोधित

राष्ट्रपति कोविंद बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) ​के शताब्दी समारोह के उद्घाटन के मौके पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा, 'बिहार की रत्नगर्भा धरती और यहां के स्नेही लोगों ने मुझे हमेशा बहुत आकर्षित किया है, इसलिए जब भी मैं बिहार आता हूं तो मुझे एक सुखद अनुभूति होती है.'

उन्होंने कहा, 'बिहार में राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान मुझे समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों के लोगों का भरपूर स्नेह मिला और राष्ट्रपति के रूप में जब भी मेरा बिहार आना हुआ है, तब भी मेरे प्रति वैसे ही प्रेम और सम्मान का एहसास मुझे होता रहा है. 

इस समारोह को लोकतंत्र का उत्सव बताते हुए उन्होंने कहा, 'इस कार्यक्रम में आप सबकी उत्साहपूर्ण उपस्थिति हमारे देश में विकसित स्वस्थ संसदीय परंपरा का एक अच्छा उदाहरण है. राष्ट्रपति ने कहा कि भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और गुरु गोविंद सिंह की आध्यात्मिक धाराओं से सिंचित बिहार की धरती का मुझ पर विशेष आशीर्वाद रहा है. यहां राज्यपाल के रूप में जन-सेवा का हमें अवसर मिला और उसी कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति-पद हेतु निर्वाचित होकर उस पद की संवैधानिक जिम्मेदारियों के निर्वहन का अवसर भी प्राप्त हुआ.

उन्होंने कहा कि जब भारत की संविधान-सभा द्वारा हमारे आधुनिक लोकतंत्र का नया अध्याय रचा जा रहा था तब बिहार की विभूतियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. संविधान सभा के वरिष्ठतम सदस्य, डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा, प्रथम अध्यक्ष के रूप में मनोनीत हुए. 11 दिसम्बर 1946 के ऐतिहासिक दिन, देशरत्न डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद संविधान-सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए. उन्होंने छठ पर्व की चर्चा करते हुए कहा कि कुछ ही दिनों बाद, हम सभी देशवासी, दीपावली और छठ का त्योहार मनाएंगे.

ये भी पढ़ें- धनबाद के बैंक मोड़ के कमजोर फ्लाईओवर की होगी मरम्मत, 30 सितंबर से 3 दिनों के लिए डायवर्ट किया गया रुट

उन्होंने कहा कि नवादा से न्यू-जर्सी तक और बेगूसराय से बोस्टन तक छठी मैया की पूजा बड़े पैमाने पर की जाती है. यह इस बात का प्रमाण है कि बिहार की संस्कृति से जुड़े उद्यमी लोगों ने विश्व-स्तर पर अपना स्थान बनाया है. 

उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इसी प्रकार, स्थानीय प्रगति के सभी आयामों पर भी, बिहार के प्रतिभावान व परिश्रमी लोग सफलता के नए मानदंड स्थापित करेंगे. राष्ट्रपति ने अपने संबोधिन के अंत में आगामी त्योहारों के लिए बिहार के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि सभी बिहारवासी प्रगति के उच्च शिखर पर पहुंचे. 

(इनपुट; आईएएनएस) 

 

Trending news