दिहाड़ी मजदूर के खाते में कहां से आए 9.99 करोड़ रुपये? घुम गया बैंक अधिकारियों का दिमाग

गरीब ग्रामीणों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये आने के कई मामलों के बाद एक और मामला सामने आया है. जिसमे एक दिहाड़ी मजदूर को पता चला कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India), सुपौल शाखा में उसके पास 9.99 करोड़ रुपये आ गए हैं.

दिहाड़ी मजदूर के खाते में कहां से आए 9.99 करोड़ रुपये? घुम गया बैंक अधिकारियों का दिमाग
दिहाड़ी मजदूरों के बैंक खाते में 9.99 करोड़ रुपये (फाइल फोटो)

Supaul: गरीब ग्रामीणों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये आने के कई मामलों के बाद एक और मामला सामने आया है. जिसमे एक दिहाड़ी मजदूर को पता चला कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India), सुपौल शाखा में उसके पास 9.99 करोड़ रुपये आ गए हैं. हैरान करने वाली बात ये है कि विपिन चौहान नाम के मजदूर का दावा है कि उसने कभी किसी बैंक में खाता नहीं खोला. विपिन चौहान गुरुवार को मनरेगा के लिए जॉब कार्ड खोलने के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) आउटलेट पर गए थे.

बचत खाते में पहुंचे पैसे

जब सीएसपी आउटलेट के अधिकारी ने अपने आधार कार्ड नंबर का उपयोग करके विपिन चौहान की वित्तीय स्थिति की जांच की, तो उन्होंने पाया कि उनके (विपिन चौहान) नाम पर एक खाता पहले से बना हुआ है और उनके नाम पर बचत खाते में 9.99 करोड़ रुपये जमा हैं.

चौहान ने कहा, मैंने संबंधित बैंक शाखा से संपर्क किया है और अधिकारियों ने खाते के विवरण की जांच की है. इसे 13 अक्टूबर 2016 को खोला गया था और फरवरी 2017 में खाते में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ. बैंक अधिकारी को मेरा और मेरे फोटोग्राफ, हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान का पता नहीं चला. केवल आधार कार्ड नंबर मेरा है. वर्तमान में, खाते में 9.99 करोड़ रुपये अभी भी बाकी हैं. बैंक अधिकारियों ने खाता खोलने के फार्म की तलाशी ली, लेकिन वह शाखा में नहीं मिला.

संज्ञान में लिया गया मामला 

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने कहा, हमारे संज्ञान में आने के बाद हमने बैंक खाते को फ्रीज कर दिया है. यह पता लगाने के लिए आंतरिक जांच चल रही है कि क्या इस खाते के साथ लेनदेन में अन्य खातों का इस्तेमाल किया गया था.

इससे पहले भी आये थे सामने मामले

बिहार में यह पहला मामला नहीं है. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र के सिंगारी गांव के एक बुजुर्ग राम बहादुर शाह के बैंक खाते में 52 करोड़ रुपये आए थे. एक और घटना कटिहार जिले में सामने आई जब कक्षा 6 के दो स्कूली छात्रों आशीष कुमार और गुरुचरण विश्वास को 15 सितंबर को उनके बैंक खातों में क्रमश: 6,20,11,100 रुपये और 90,52,21,223 रुपये मिले. दोनों बच्चे बघौरा पंचायत के पस्तिया गांव के रहने वाले हैं. इनके बैंक खाते उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में हैं.

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इसके अलावा रंजीत दास नाम के शख्स के बैंक खाते में भी साढ़े पांच लाख रुपये आए. दास ने राशि वापस करने से इनकार कर दिया. उन्होंने दावा किया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने हर देशवासी को 15 लाख रुपये देने का वादा किया और यह 5.5 लाख रुपये की पहली किस्त है. उन्होंने पैसे नहीं लौटाए तो बैंक ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली थी. वह फिलहाल जेल में बंद है.

(इनपुट: मोहन प्रकाश)