नागमणि के बहाने BJP-JDU ने साधा कुशवाहा पर निशाना, आरजेडी ने बताया RLSP का निजी मामला

रालोसपा नेता नागमणि इन दिनों बिहार की सियासत में चर्चा का विषय बने हुए हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करने पर पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी है.

नागमणि के बहाने BJP-JDU ने साधा कुशवाहा पर निशाना, आरजेडी ने बताया RLSP का निजी मामला
बीजेपी ने कहा है कि रालोसपा मिलकियत वाली पार्टी है. (फाइल फोटो)

पटना : राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) नेता नागमणि पर कार्रवाई ने बिहार के सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है. दलों के बीच प्रतिक्रिया का दौर भी शुरु हो चुका है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने जहां मामले को रालोसपा का निजी मामला बताया है. वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने दावा किया है कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र खत्म हो गया है.

रालोसपा नेता नागमणि इन दिनों बिहार की सियासत में चर्चा का विषय बने हुए हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करने पर पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी है. उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है. साथ ही कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है कि क्यों नहीं उनकी प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी जाए. नागमणि पर होने वाली कार्रवाई पर राजनीतिक दलों के बीच प्रतिक्रिया भी देखने को मिल रही है.

नागमणि पर कार्रवाई पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने कहा है कि यह रालोसपा का अंदरुनी मामला है. इसका जेडीयू से कोई लेना देना नहीं है. पार्टी के प्रवक्ता डॉ सुनील कुमार ने कहा है कि रालोसपा में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है. इस घटना से को यही साबित होता है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की तारीफ तो हर दल के नेता करते हैं. कैमरे के सामने भले ही कोई नहीं भी करे, लेकिन उनका सम्मान सभी विपक्षी दल के नेता करते हैं. ऐसे में नागमणि अगर नीतीश कुमार के प्रति सम्मान की भावना रखते हैं तो इसमें बुरा क्या है. साथ ही उन्होंने कहा कि जहां लोकतंत्र नहीं होता वहां इसी तरह की घटनाएं होती हैं. 

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कहा है कि रालोसपा मिलकियत वाली पार्टी है. पार्टी के प्रवक्ता जीवेश कुमार ने कहा है कि रालोसपा को पार्टी नहीं कहा जा सकता. वहां तो एक आदमी ही मालिक हैं और वही सारे फैसले लेते हैं. पार्टी में ना तो लोकतंत्र है और न ही कोई संविधान. नीतीश कुमार की तारीफ करना कोई बुरी बात नहीं. उनके कामों की तारीफ तो पूरा बिहार कर रहा है. नागमणि के साथ जो हुआ उसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं. साथ ही उन्होंने इसे रालोसपा का मामला बताया है.

इस कदम से आरजेडी ने भी रालोसपा से किनारा कर लिया है. प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि बीते दिनों नागमणि नीतीश कुमार के खिलाफ काफी बोल रहे थे, लेकिन अचानक उनकी तारीफ करने लगे. इस मामले पर वही ज्यादा बता सकते हैं. जहां तक कार्रवाई का सवाल है तो उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ही बता सकते हैं कि आखिर क्यों कार्रवाई की गई है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अगर लगा होगा कि नागमणि ने गलत बयान दिया है तो उनपर कार्रवाई की गयी है. यह रालोसपा का अंदरुनी मामला है, आरजेडी का इससे कोई लेना देना नहीं.