हरिवंश नारायण के मामले को लेकर BJP हुई 'आक्रामक', कहा-पूरे बिहार को हुआ आघात

बीजेपी के बिहार प्रभारी और सांसद भूपेंद्र यादव ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी सांसद पंरपरागत मान्यताओं का बोध भी खो चुके हैं.

हरिवंश नारायण के मामले को लेकर BJP हुई 'आक्रामक', कहा-पूरे बिहार को हुआ आघात
हरिवंश नारायण के मामले को लेकर BJP हुई 'आक्रामक'. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhansabha Chunav 2020) को लेकर सभी पार्टियां अब 'चुनावी मोड' में आ गई हैं. इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश के साथ विपक्षी सदस्यों द्वारा किए गए व्यवहार को लेकर मंगलवार को अचानक आक्रामक हो गई और इस मामले को 'बिहारी अस्मिता' से जोड़ते हुए विपक्ष पर ताबड़तोड़ निशाना साध रही है.

बीजेपी के बिहार प्रभारी और सांसद भूपेंद्र यादव ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी सांसद पंरपरागत मान्यताओं का बोध भी खो चुके हैं. उन्होंने अपने फेसबुक एकाउंट पर 'सांसद डायरी' पोस्ट करते हुए लिखा, 'जिस प्रकार का दुर्व्यवहार विपक्ष के सांसदों द्वारा राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी के साथ किया गया था, वह किसी भी प्रकार से सदन के अनुकूल नहीं है. कभी भी सांसदों से ऐसे व्यवहार करने की उम्मीद नहीं होती कि वे सदन में उपसभापति की मेज पर चढ़कर रूलबुक फोड़ेंगे और सेक्रेटरी जेनरल की टेबल पर खड़े होकर हंगामा करेंगे.'

उन्होंने आगे कहा कि भारत में मान्यता है कि जहां पर किताबें रखी जाती हैं, वहां पर कभी पैर नहीं रखा जाता, लेकिन इन परंपरागत मान्यताओं का बोध भी विपक्ष के लोग खो चुके हैं. इधर, भूपेंद्र यादव ने उपसभापति द्वारा राष्ट्रपति को लिखे पत्र को ट्वीट करते हुए लिखा, 'दशकों पहले जब कांग्रेस लोकतंत्र को कुचलने निकली थी, तब बिहार से निकले जेपी ने लोकतंत्र की लड़ाई लड़ी और देश जीता. बिहार के ही हरिवंश जी का पत्र पढ़ते हुए लगा कि अब, जब कांग्रेस फिर लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ खड़ी है, तब यह पत्र लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने का दस्तावेज बन रहा है.'

इधर, राज्य के बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के साथ जो घटना घटी है, उससे पूरे बिहार को आघात लगा है. उन्होंने कहा कि समूचा बिहार इससे दुखी है, लेकिन आश्चर्य है कि आरजेडी ऐसे लोगों के पक्ष में खड़ा है, उन्हें बचा रहा है.

उन्होंने कहा, 'बिहार के बेटे हरिवंश जी के साथ हुआ दुर्व्यवहार बेहद ही निंदनीय है. 'लोकतंत्र' को 'गुंडातंत्र' में बदलने पर आमादा विपक्ष के इस अमर्यादित बर्ताव एवं व्यवहार की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है.' उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र को जब कांग्रेस ने बंधक बना दिया था, इसी बिहार ने हुंकारा था. आज उसी बिहार को फिर ललकारा है. लोकतंत्र को शर्मसार किया है. जो धरने पर बैठे हैं, उनके लिए हरिवंश जी चाय लेकर गए. धरना देने वालों को माफी मांगनी चाहिए.'

बीजेपी के प्रवक्ता और पूर्व सांसद शहनवाज हुसैन ने मंगलवार को कहा, 'हरिवंश जी पर विपक्षी सांसदों का हमला निंदनीय और अनैतिक है. इसे बिहार सहन नहीं करेगा. हरिवंश जी अकेले नहीं हैं, उन पर हमला विपक्ष के अमर्यादित व्यवहार का ज्वलंत उदाहरण है.'

चुनाव से पहले हुई इस घटना को लेकर आक्रामक हुई बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल कहते हैं कि यह हमला हरिवंश पर नहीं हुआ है, यह हमला बिहार की गरिमा और सम्मान पर हुआ है, पत्रकारिता की स्वर्णिम पृष्ठभूमि पर भी हुआ है.'

बिहार बीजेपी के प्रवक्ता डॉ निखिल आनंद ने कहा, 'रात से धरने पर बैठे आठ सांसदों के लिए उपसभापति हरिवंश खुद सुबह में घर से चाय लेकर गए. यह जो उन्होंने उदाहरण पेश किया है, उससे भारतीय लोकतंत्र का मान-सम्मान बहुत ऊंचा होता है. बिहार लोकतंत्र की जननी रही है, हरिवंश जी बिहार का प्रतिनिधित्व करते हैं और उन पर सिर्फ बिहार ही नहीं, समस्त भारतवासियों को गर्व होगा.'

(इनपुट-आईएएनएस)