बिहार: अमित शाह की रैली पर तेजस्वी का बड़ा हमला, कहा-'गरीबों की मौत का जश्न मना रही BJP

तेजस्वी यादव ने कहा कि, एनडीए नेताओं को बताना चाहिए कि, श्रमिकों को मानसिक प्रतारणा क्यों झेलनी पड़ी.

बिहार: अमित शाह की रैली पर तेजस्वी का बड़ा हमला, कहा-'गरीबों की मौत का जश्न मना रही BJP
आरजेडी (RJD) ने रविवार को 'गरीब अधिकार दिवस' मनाया. (फोटो साभार: ANI)

पटना: आरजेडी (RJD) ने रविवार को 'गरीब अधिकार दिवस' मनाया. पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी (Rabri Devi), बिहार विधानसभा (Bihar Vidhansabha) में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने 10 सर्कुलर रोड में प्रवासी श्रमिकों के समर्थन में थाली बजाई. दस मिनट चले इस कार्यक्रम में राबडी आवास पर आरजेडी के कुछ खास समर्थक और आम लोग भी शामिल हुए.

इससे पहले कार्यक्रम के दौरान, राबडी देवी के आवास पर सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पूरा ख्याल रखने की कोशिश भी की गई. नेताओं का स्थान निर्धारित करने के लिए सर्किल बनाया गया. पिछली बार की तरह कोई गलती न हो जाए, इसके लिए आवास के रास्ते के दोनों ओर रस्सी से घेराबंदी की गई.

'Lockdown क्यों खत्म किया गया'
थाली बजाओ कार्यक्रम के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि, अभी हमें गरीब की चिंता करनी चाहिए, न कि चुनाव की. इलेक्शन कमीशन का हालात का जायजा लेना चाहिए कि, चुनाव कैसे होगा. अगर इलेक्शन कमीशन हमें बुलाएगा, तो हम अपना पक्ष रखेंगे. एक तरफ संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है वहीं, दूसरी तरफ लॉकडाउन (Lockdown) खत्म कर दिया गया है. इसका भी जवाब सरकार को देना चाहिए.

'गरीबों की मौत का जश्न मना रही BJP'
वहीं, बीजेपी के वर्चुअल रैली और अमित शाह (Amit Shah) के जनसंवाद कार्यक्रम पर भी तेजस्वी यादव ने हमला बोला. तेजस्वी ने कहा कि केन्द्र और राज्य की सरकार ने प्रवासी मजदूरों को परेशान किया है. लोगों के पास न तो खाने को भोजन है और न ही रोजगार के साधन. इस लॉकडाउन में 12 करोड लोग बेरोजगार हो चुके हैं. अभी लोगों को खाना देने की जरुरत है. लेकिन यहां कि सरकार सत्ता का भूख मिटाने में जुटी है. बीजेपी गरीब की मौत पर जश्न मना रही है.

'पत्र के DNA में ही खोट नजर आता है'
उन्होंने कहा कि, अमित शाह को बताना चाहिए कि बिहार के लोगों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार क्यों किया गया. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को बताना चाहिए कि, बिहार के मजदूरों को उन्होंने चोर लुटेरा कैसे बता दिया. श्रमिकों को लेकर इस तरह की चिट्ठी क्यों जारी की गई. उस चिट्ठी की डीएनए (DNA) में ही खोट नजर आता है. एनडीए नेताओं को बताना चाहिए कि, श्रमिकों को मानसिक प्रतारणा क्यों झेलनी पड़ी.

'अंधे बने हुए हैं सुशील मोदी'
सुशील मोदी (Sushil Modi) की ओर से क्वारेंटाइन सेंटर में बेहतरीन व्यवस्था किए जाने पर भी तेजस्वी ने हमला बोला. तेजस्वी ने कहा, 'सुशील मोदी अंधे बने हुए हैं. अगर उन्होंने सच्चाई नहीं दिख रही तो, उन्हें मेरे पास आना चाहिए. मैं उन्हें क्वारेंटाइन सेंटर की हकीकत वाली वीडियो दिखाऊंगा.'

'धोखे में हैं नीतीश कुमार'
तेजस्वी ने कहा कि, सरकार में मंत्रियों की क्या स्थिती है, ये किसी से छुपी नहीं है. नीतीश कुमार अपनी बैठकों में मंत्रियों को बुलाते तक नहीं हैं. विपक्ष की तरफ से आवाज उठाने के बाद मंत्रियों को मीटिंग में बुलाया जाने लगा. पटना में थोडी सी बारिश के बाद जलजमाव (Water Logging) की स्थिती हो गई. हर जगह बुरे हालात हैं. नीतीश कुमार अगर कहते हैं कि, बिहार में सबकुछ ठीक ठाक है तो, वो धोखे में हैं. हालात की हकीकत उन्हें तब पता चलेगी, जब वो घर से बाहर निकलेंगे.