बहरागोड़ा सीट: BJP-JMM के बीच कांटे की टक्कर, दोनों उम्मीदवार कर रहे अपनी जीत के दावे

Baharagora vidhansabha Seat: जेएमएम (JMM) से दल बदलकर आए निवर्तमान विधायक कुणाल सारंगी और बीजेपी (BJP) से दल बदलकर आए समीर मोहंती के बीच यहां मुकाबला है.

बहरागोड़ा सीट: BJP-JMM के बीच कांटे की टक्कर, दोनों उम्मीदवार कर रहे अपनी जीत के दावे
जेएमएम-बीजेपी के बीच इस सीट पर है कांटे की टक्कर.

जमशेदपुर: जमशेदपुर की बहरागोड़ा विधानसभा सीट (Baharagora vidhansabha Seat) दो राज्यों की सीमा से सटा हुई है. इस विधानसभा से विधायक शिक्षा मंत्री तक बन चुके हैं. अब इस जगह पर दो दलों में सीधी टक्कर है. जेएमएम (JMM) से दल बदलकर आए निवर्तमान विधायक कुणाल सारंगी और बीजेपी (BJP) से दल बदलकर आए समीर मोहंती के बीच यहां मुकाबला है.

दरअसल, बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र में दल बदलकर टिकट पाने की होड़ सी लग गई थी. जेएमएम के निवर्तमान विधायक कुणाल सारंगी ने इस विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी को चुना. कुणाल सारंगी पूर्व में झारखंड के शिक्षा मंत्री सह बहरागोड़ा के विधायक दिनेश कुमार सारंगी के पुत्र हैं. इनके पिता अर्जुन मुंडा के सरकार के समय मंत्री थे. 

कुणाल से जब दल बदलने का सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कह दिया कि ये उनकी घर वापसी है. कुणाल ने दावा किया कि पिछले पांच सालों में कुणाल ने काम किया है जेएमएम ने नहीं.

वहीं, हाल ही में बीजेपी छोड़ जेएमएम से उम्मीदवार बने समीर मोहंती के बोल बदले-बदले थे. समीर मोहंती बीजेपी की दिन-रात गुणगान करते थे. सरकार के कामों की तारीफों के पुल बांधते थे. वहीं, आज जेएमएम को इस राज्य का भविष्य बता रहे हैं.

समीर महंती की मानें तो नेतृत्व करने की क्षमता सिर्फ हेमंत सोरेन में है. उन्होंने कहा कि इस राज्य को अलग करने में जो आंदोलन था, वह मैंने ही किया था. यह हम सब भूल चुके हैं. कुणाल सारंगी पर हमला बोलते हुए समीर मोहंती ने कहा कि कुणाल को पहले ही डर हो चुका था कि हम चुनाव हार जाएंगे क्योंकि यहां की जनता उससे नाराज है. लेकिन समीर अपनी जीत को लेकर आश्वत हैं. उन्होंने कहा कि यह जेएमएम की परंपरागत सीट रही है. इसलिए उनकी जीत सुनिश्चित है. बीजेपी के लोग हारे और घबराए हैं.