VIDEO: गिरिराज सिंह का विवादित बयान, 'किम जोंग' और 'पूतना' से की ममता बनर्जी की तुलना

गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी की तुलना तानाशाह किम जोंग से की है.

VIDEO: गिरिराज सिंह का विवादित बयान, 'किम जोंग' और 'पूतना' से की ममता बनर्जी की तुलना
गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी पर विवादित बयान दिया है.

नई दिल्लीः बीजेपी और टीएमसी के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सीबीआई मामले में सीएम ममता बनर्जी के सामने आने के बाद से बीजेपी और टीएमसी के बीच बयानों का दौर शुरू हो गया है. जहां ममता बनर्जी केंद्र सरकार को तानाशाह बता रही है. वहीं, बीजेपी ममता बनर्जी को बंगाल में तानाशाही करने का आरोप लगा रही है. हाल में बीजेपी के की रैलियों को बंगाल में होने से रोके जाने के बाद बीजेपी नेता ममता बनर्जी पर हमला कर रहे हैं. ताजा बयान बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह का है.

गिरिराज सिंह विवादित और अटपटे बयानों के लिए जाने जाते हैं. वह किसी भी मुद्दे पर विरोधियों पर जमकर बरसते हैं. इस दौरान वह कई बार विवादित बयान दे जाते हैं. गिरिराज सिंह ने अब ममता बनर्जी को लेकर विवादित बयान दे दिया है. जिसके बाद अब फिर से टीएमसी और बीजेपी के बीच तना-तनी बढ़ना तय है.

गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी की तुलना तानाशाह किम जोंग और द्वापर युग की राक्षसी पूतना से की है. उन्होंने कहा कि वह झांसी की रानी नहीं हो सकती है बल्कि वह पूतना जरूर हो सकती है. वहीं, ममता बनर्जी को तानाशाह बताते हुए उनकी तुलना किम जोंग से की.

गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्होंने पूरे बंगाल को तबाह कर के रख दिया है. जो उनके खिलाफ बोलता है उनकी हत्या कर देती है. गिरिराज सिंह ने कहा जो रोहिंग्या और बंग्लादेशी घुसपैठियों को समर्थन दे वह झांसी की रानी और पद्मावती नहीं हो सकती है. झांसी की रानी ने देश के लिए लड़ा था लेकिन ममता देश को तोड़ने का काम कर रही है.

गिरिराज सिंह के इस बयान के बाद अब सियासी बवाल मच सकता है. उन्होंने ममता बनर्जी पर सीधे रूप से तानाशाह बताते हुए किम जोंग से तुलना कर दी है. ऐसे में टीएमसी भी शायद चुप नहीं बैठेगी.

आपको बता दें कि सीबीआई द्वारा बंगाल के पुलिस कमिश्नर से पूछताछ करने पहुंची थी. हालांकि सीबीआई पर आरोप लगाया गया कि वह हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ गिरफ्तारी करने पहुंची थी. वहीं, पुलिस कमिश्नर के बचाव में सीएम ममता बनर्जी सामने आई और केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. जिसके बाद देश में काफी बवाल मचा था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामला को सुलझाया गया लेकिन दोनों राजनीतिक दलों के बीच बयानों का तीखा वार लगातार जारी है.