बिहार: बीजेपी ने मांझी के पक्ष में मतदान के संकेत दिए; पार्टी विधायक एकमत, अंतिम फैसला आज

बिहार में विपक्षी पार्टी भाजपा ने आगामी 20 फरवरी को विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पक्ष में मतदान के संकेत दिए हैं। आगामी 20 फरवरी को मांझी के विश्वास मत को लेकर भाजपा विधायक दल की बुलाई गई दो दिवसीय बैठक के पहले दिन पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा विधायकों ने सर्वसम्मति से यह विचार व्यक्त किया है कि दलित का अपमान करने के लिए नीतीश को करारा जवाब देने के लिए उनकी पार्टी को विश्वास मत के दौरान मांझी के साथ खड़ा होना चाहिए।

बिहार: बीजेपी ने मांझी के पक्ष में मतदान के संकेत दिए; पार्टी विधायक एकमत, अंतिम फैसला आज

पटना : बिहार में विपक्षी पार्टी भाजपा ने आगामी 20 फरवरी को विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पक्ष में मतदान के संकेत दिए हैं। आगामी 20 फरवरी को मांझी के विश्वास मत को लेकर भाजपा विधायक दल की बुलाई गई दो दिवसीय बैठक के पहले दिन पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा विधायकों ने सर्वसम्मति से यह विचार व्यक्त किया है कि दलित का अपमान करने के लिए नीतीश को करारा जवाब देने के लिए उनकी पार्टी को विश्वास मत के दौरान मांझी के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को विधायकों की राय से अवगत कराया जाएगा और भाजपा के विश्वास मत को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

मांझी को समर्थन देने के मुद्दे पर भाजपा विधायकों के बीच बुधवार को सर्वसम्मति दिखी। हालांकि बीजेपी की ओर से इस बारे में गुरुवार को कोई औपचारिक फैसला कल लिए जाने की संभावना है। मांझी को 20 फरवरी को सदन में बहुमत हासिल करना है।

सूत्रों के अनुसार पटना में बुधवार शाम बंद कमरे में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी विधायकों के बीच मांझी सरकार को समर्थन देने पर सर्वसम्मति दिखी। एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने कहा कि पार्टी के सभी विधायकों ने महसूस किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘एक महादलित का अपमान’ किया है और उन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए। सदन में विश्वास मत परीक्षण के दौरान रणनीति पर चर्चा करने के लिए भी गुरुवार को भाजपा विधायकों की बैठक होगी और गुरुवार शाम तक मुद्दे पर अंतिम फैसला किए जाने की संभावना है। बिहार विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता नंद किशोर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री पद की अपनी अभिलाषा के चलते नीतीश कुमार ने जीतनराम मांझी का अपमान कर दलितों का विश्वास खो दिया है।

जदयू के मांझी को पार्टी से निष्कासित कर अपना नया विधायक दल नेता पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुन लिए और नीतीश के जदयू के अलावा राजद, कांग्रेस, भाकपा और एक निर्दलीय विधायक समेत 130 विधायकों के समर्थन होने का दावा किए जाने पर राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने मांझी को आगामी 20 फरवरी को विश्वास मत हासिल करने का निर्देश दिया है।

243 सदस्यीय बिहार विधानसभा जिसकी 10 सीट वर्तमान में रिक्त हैं, में बहुमत के 117 के जादुई आंकड़े को प्राप्त करने के लिए मांझी को भाजपा के 87 विधायकों का समर्थन नितांत आवश्यक है और उन्हें 30 अन्य विधायक जुटाने हैं। बिहार विधानसभा में अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी और पार्टी द्वारा निष्कासित मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी सहित जदयू के 110 विधायक हैं जबकि राजद के 24, कांग्रेस के 5, भाकपा का एक तथा पांच निर्दलीय विधायक हैं। (एजेंसी इनपुट के साथ)