शिक्षा मंत्री को कुछ नहीं पता, आनंद किशोर कर रहे बच्चों के साथ अत्याचार : नवल यादव

बिहार में इंटरमीडिएट रिजल्ट में गड़बड़ी का मामला शांत होता नहीं दिख रहा है. इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के सर्मथन में अब कई नेता भी उतर गए हैं. इसी क्रम में बीजेपी के विधान पार्षद नवल यादव ने शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा पर निशाना साधा है. 

शिक्षा मंत्री को कुछ नहीं पता, आनंद किशोर कर रहे बच्चों के साथ अत्याचार : नवल यादव
इंटरमीडिएट के रिजल्ट की घोषणा के बाद बीएसईबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.

पटना: बिहार में इंटरमीडिएट रिजल्ट में गड़बड़ी का मामला शांत होता नहीं दिख रहा है. इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के सर्मथन में अब कई नेता भी उतर गए हैं. बीजेपी के विधान पार्षद नवल यादव ने शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि शिक्षा मंत्री को कुछ नहीं पता कि क्या दुरुस्त हुआ है. आनंद किशोर को नहीं हटाया गया तो सरकार को पछताना पड़ेगा.

सिर्फ शिक्षा मंत्री नहीं बल्कि नवल यादव ने बीएसईबी चेयरमैन आनंद किशोर पर भी निशाना साधा है और कहा, 'आनंद किशोर गरीब बच्चों के साथ अत्याचार कर रहे हैं. जिन बच्चों ने आईआईटी, मेडिकल की परीक्षा पास की है उन्हें फेल कर दिया गया है. आनंद किशोर बिहार के नर्सरी और जनमानस को खराब कर रहे हैं.'

साथ ही नवल यादव ने ये भी कहा है कि शिक्षा मंत्री अपने विभाग के चपरासी का भी सर्मथन करेंगे यही उनकी बुद्धि है. आपको बता दें कि 6 जून को बिहार इंटमीडिएट के रिजल्ट की घोषणा की गई लेकिन हर साल की तरह इस साल भी रिजल्ट आते ही कंट्रोवर्सी शुरू हो गई. कई ऐसे विद्यार्थी हैं जो जेईई और मेडिकल में अच्छा रैंक लाने में सफल हुए हैं लेकिन इंटरमीडिएट में उन्हें महज एक या दो नंबर मिले हैं. ऐसे में बच्चों का भविष्य खतरे में है. 

वहीं, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी बिहार बोर्ड के रिजल्ट पर सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सरकार रिजल्ट पर क्यों चुप्पी साधे हुए है. तेजस्वी ने भी बोर्ड के अध्यक्ष को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा, 'एक स्वजातीय मित्र को वर्षों तक बिहार बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर बिहार की शिक्षा व्यवस्था का जो सत्यानाश करवाया उसके लिए आपको बिहार के कर्णधार छात्रों से माफ़ी मांगनी ही होगी.'

आपको बता दें कि इस साल इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल हुए छात्रों में 52.9 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं. कार्मस में 82 प्रतिशत, साइंस में 45 प्रतिशत और आर्ट्स में 42 प्रतिशत छात्र सफल हुए है. इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 12,07,975 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. आर्ट्स में 4,55,971, कॉमर्स में 51,325 और साइंस में 6,99,851 छात्र शामिल हुए थे. वहीं, वोकेशनल विषय में कुल 831 छात्र शामिल हुए थे.