बिहार: सत्यपाल मलिक के बयान पर सियासत तेज, RK सिन्हा ने किया समर्थन

गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि बिहार में कुत्तों, घोड़ों और यहां तक कि छड़ियों के नाम पर भी जमीन का पंजीकरण हुआ है. 

बिहार: सत्यपाल मलिक के बयान पर सियासत तेज, RK सिन्हा ने किया समर्थन
RK सिन्हा ने किया सत्यपाल मलिक के बयान का समर्थन. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) के बयान पर सियासत तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद रविंद्र किशोर सिन्हा (RK Sinha) ने उनका समर्थन किया है. आरके सिन्हा ने कहा कि सत्यपाल मलिक के शब्द पर जाने की जरूरत नहीं है, उनके भाव सही हैं. उन्होंने जो कहा है वो देश के हर राजस्व विभाग के कार्यालय में दिखता है. राजस्व विभाग केवल स्टैंप द्वारा हासिल की गई की गई राशि पर ध्यान रखता है, न कि इस बात की जांच करवाता है कि जमीन किसकी थी, किसने खरीदी है और इस पर आगे क्या होना है. 

वहीं, जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने भी सत्यपाल मलिक के बयान को सही बताया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने जो कहा है वह बिहार के संदर्भ में बिल्कुल ठीक है. हालांकि उनके शब्द बिहार को लेकर उचित नहीं हैं. पप्पू यादव के मुताबिक, बिहार में रजिस्ट्री के लिए तमाम तरह के दलाल सक्रिय होते हैं. इस कारण कई बार इस तरह के मामले सामने आते हैं.

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पूर्व राज्यपाल के बयान पर जेडीयू नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ये दस्तावेज के जांच का विषय है. सवाल उठा है, तो हम देखेंगे. बीजेपी नेता और विधायक अरुण सिन्हा ने कहा कि बड़े पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए. अगर कोई तथ्य है तो उसे भी सामने रखना चाहिए. इस मामले पर पूर्व मंत्री और आरजेडी विधायक शिवचंद्र राम ने कहा कि अगर राज्यपाल को ऐसा पता चलता है तो इस पर विचार होनी चाहिए. 

आपको बता दें कि गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि बिहार में कुत्तों, घोड़ों और यहां तक कि छड़ियों के नाम पर भी जमीन का पंजीकरण हुआ है. मलिक 2017-18 के दौरान बिहार के राज्यपाल थे. उन्होंने कहा बिहार में 1950 में जमींदारी उन्मूलन अधिनियम, उत्तर प्रदेश की तरह ठीक ढंग से लागू नहीं हो पाया.

मलिक ने 70वें संविधान दिवस पर यहां गोवा विश्वविद्यालय मैदान में आयोजित समारोह में कहा, "सबसे बेहतर तरीके से जमींदारी उन्मूलन अधिनियम उत्तर प्रदेश में लागू हुआ. मैं बिहार में राज्यपाल था. इसके बिहार में लागू होने के बारे में क्या कहा जाए. वहां तो कुत्तों, और घोड़ों यहां तक कि छड़ियों के नाम पर भी जमीन का रिकॉर्ड है.'

बिहार के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि आज भी कुछ जमींदारों के पास पांच हजार बीघा तक जमीन है. राजस्व का रिकॉर्ड सही स्थिति में नहीं है.

(पटना से शैलेंद्र और दिल्ली से स्वप्निल की रिपोर्ट)