झारखंड: फिर विवादों में JPSC, दीपक प्रकाश बोले- हेमंत सरकार को छात्रों की चिंता नहीं

जेपीएससी द्वारा नेत्रहीनों के लिए रिजर्व 2 सीटों पर, सामान्य छात्र की नियुक्ति की अनुशंसा करने का मामला सामने आया है. इसको लेकर बीजेपी हेमंत सोरेन सरकार पर हमलावर है.

झारखंड: फिर विवादों में JPSC, दीपक प्रकाश बोले- हेमंत सरकार को छात्रों की चिंता नहीं
छठी जेपीएससी का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.(फाइल फोटो)

रांची: छठी जेपीएससी का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब एक और विवाद सामने आया है, जिसमें नेत्रहीनों के लिए रिजर्व 2 सीटों पर, सामान्य छात्र की नियुक्ति की अनुशंसा करने का मामला सामने आया है. दरअसल, छठी जेपीएससी (JPSC) से जुड़े कई मामले अभी हाईकोर्ट (High Court) में चल रहे हैं. ऐसे में यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है.

वहीं, जानकारों की मानें तो नेत्रहीन के लिए रिजर्व सीट के लिए अगर अभ्यर्थी नही मिलते हैं तो, इसे केरी फॉरवर्ड किया जाना चाहिए, जो कि नहीं किया गया. अब इसको लेकर सूबे में सियासत भी शुरू हो चुकी है. हाइकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार ने कहा कि, ऐसे मामले सामने आए हैं. जेपीएससी का यह कोई पहला मामला नहीं है जिस पर विवाद हुआ है.

उन्होंने कहा कि, जेपीएससी शुरू से ही विवादों में रहा है. विजुअली इम्पेक्ट रिजर्व कोटे को डी रिजर्व कर दिया गया है, सिपाही नियुक्ति घोटाला में फसी ( ब्लैक लिस्टेड) कम्पनी के पदाधिकारी के नाम से बने कम्पनी को यहां जेपीएससी में नियुक्ति का जिम्मा दिया गया है.

वहीं, जेपीएससी के अन्य मामले से जुड़े हाईकोर्ट के अधिवक्ता शुभाशीष रसिक सोरेन ने कहा कि, यह समाचार के माध्यम से हमें भी जानकारी मिली है कि, नेत्रहीन के दो पोस्ट को भी कवर किया गया है, लेकिन सबसे बड़ी बात है जो कई अन्य मामले भी पहले से इस में चल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि, फैसला गलत है. साथ ही, कई ऐसे छात्र हैं जिनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है और वह कोर्ट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. ऐसे में हम लोगों के द्वारा जो मामला अभी कोर्ट में है, उसके साथ जरूर इस मामले को भी हम कोर्ट की संज्ञान में लाएंगे और उस पर कोर्ट जरूर उचित फैसला करे.

वहीं, छात्रों का कहना है कि, जेपीएससी में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच चुकी है. अब यहां कोई उम्मीद नहीं बचा है. सामान्य की बात तो छोड़ दीजिए, नेत्रहीनों का भी सीट बेच दिया गया है. महिलाओं और खिलाड़ियों का भी सीट बेच दिया गया है.

उन्होंने कहा कि, आश्चर्य की बात यह है कि, जब मामला कोर्ट में लंबित है फिर सरकार इतनी परेशान क्यों है? इतनी जल्दबाजी क्यों है? इससे यही प्रतीत होता है कि, जेपीएससी का इस भ्रष्टाचार में सरकार साथ दे रही है. हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है. हमारे साथ विश्वासघात किया गया है.

छात्रों का कहना है कि, हमने इसी मामले को लेकर पिछली सरकार को हटाया था. लेकिन नई सरकार से उम्मीद जगी थी कि, सरकार सही फैसला करेगी. लेकिन हमें न्यायालय पर भरोसा है. उन्होंने कहा कि, एक तरफ सरकार न्यायालय को जवाब नहीं देती है तो, दूसरी तरफ प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने का काम करती है.

वहीं, अभ्यर्थी अनिल पन्ना ने कहा कि, छठी जेपीएससी का विवाद शुरू से चलता आ रहा है. सबसे पहले पीटी में आरक्षण नहीं देना, फिर नियम के विरुद्ध 15 गुना के बजाय एक वर्ग को 261 गुना अधिक रिजल्ट पिछली सरकार के द्वारा निकालना और फिर नेत्रहीन की जगह नेत्र वाले और क्वालिफाइंग पेपर को मेरिट लिस्ट में जोड़ा जाना, न्यूनतम अहर्ता नहीं प्राप्त करने वाले को भी अधिकारी बनाया गया है. ऐसे कई मामले हैं, जिसको लेकर 40 से अधिक रीट हाई कोर्ट में दायर है. मामला विचाराधीन है और छात्रों को उम्मीद है कि न्यायालय से इन्हें जरूर राहत मिलेगी.

इधर, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि, यह सरकार दृष्टिहीन हो चुकी है. इनको मेधावी छात्रों की चिंता नही है. जेपीएससी के माध्यम से रोजगार मिले इसको लेकर उनके माथे पर शिकन नहीं है और सच कहा जाए तो ये सरकार बेरोजगारों को भ्रमित करके आई है. बेरोजगारी भत्ता देने के नाम पर, ये सरकार बेरोजगार के खिलाफ है.

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता शमशेर आलम ने कहा कि, जेपीएससी को लेकर हमारी सरकार गंभीर है. पूर्व की सरकार के द्वारा जो अनियमितता बरती गई हैं, हम उसे दूर करेंगे. यह अलग बात है कि छठी जेपीएससी के रिजल्ट आने के बाद मामले न्यायालय में चले गए है, इसलिए और बहुत कुछ कर पाने में हमारी सरकार अभी सक्षम नहीं है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि, हम न्यायालय के फैसले को भी मानेंगे और हमारी सरकार लगातार यह प्रयासरत है कि, स्वच्छ और निष्पक्ष जेपीएससी का परिणाम हम लोगों के बीच में आए. उसके लिए लगातार प्रयास जारी है. जबकि, जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि, बीजेपी जनता को गुमराह कर रही है. हमारी सरकार हाथी को उड़ाने और घोटाला करने वाली नहीं है. हमने जो जनता से वादा किया है, उसे एक-एक कर पूरा करेंगे.

जेएमएम नेता ने कहा कि, यह जो जेपीएससी का मामला है. यह पूर्व की सरकार के द्वारा किया गया है. इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार पूर्व की ही सरकार है. बीजेपी के शासन काल में चार परीक्षाएं हुई और सभी विवादों में रहा है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  तक मामला गया था यह किसी से छुपा नहीं है.

मनोज पांडे ने कहा कि, बीजेपी पहले अपने गिरेबान में झांक ले, फिर दूसरे पर आरोप लगाए. न्यायालय के जो भी फैसले आएंगे उसका हम सभी सम्मान करेंगे. हमारी सरकार निष्पक्ष होकर आगे का काम कर रही है.