बिहार: संजय झा के ट्वीट पर RJD का हमला, तो BJP बोली-प्रोपेगेंडा ना करे विपक्ष

शिवानंद तिवारी ने कहा कि, अधिकांश राज्य के बच्चे अपने घरों के लिए चले गए हैं और वहां की स्थिति अब भूत बंगले जैसी हो गई है. ऐसे में बच्चे तनाव में है.

बिहार: संजय झा के ट्वीट पर RJD का हमला, तो BJP बोली-प्रोपेगेंडा ना करे विपक्ष
बिहार सरकार में मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि, विपक्ष इस महामारी में प्रोपेगेंडा ना करे. (फाइल फोटो)

पटना: जेडीयू नेता और बिहार की नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार में मंत्री संजय झा के ट्वीट पर आरजेडी (RJD) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि, संजय झा ने किस आधार पर ट्वीट किया है, इसकी जानकारी नहीं है. लेकिन कोटा (Kota) में अभी भी बच्चे फंसे हुए हैं.

शिवानंद तिवारी ने कहा कि, मंत्री को इसकी जानकारी लेने के बाद ही बयान देना चाहिए. क्योंकि जिनके बच्चे अभी भी फंसे हैं, उनके परिवार के लोग काफी चिंता में होंगे और सरकार कह रही है आखिरी ट्रेन है, तो बच्चे कैसे कोटा से आएंगे. उन्होंने कहा कि, अधिकांश राज्य के बच्चे अपने-अपने घरों के लिए चले गए हैं और वहां की स्थिति अब भूत बंगले जैसी हो गई है. बच्चे तनाव में है और मंत्री जी को चाहिए कि अंतिम रूप से पता कर, जो बच्चे फंसे हैं, उनको भी लेकर आए उसके बाद ऐसे बयान दें.

वहीं, बीजेपी नेता और बिहार सरकार में मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि, विपक्ष इस महामारी में प्रोपेगेंडा ना करे. बल्कि एजेंडा पर बात करे. प्रमोद कुमार ने कहा कि, विपक्ष को समझना चाहिए कि, डिजास्टर मैनेजमेंट 2005 का एक्ट है और उसमें सभी जानकारियां दी गई हैं. जिला अधिकारी को जो एप्लीकेशन मिले हैं, उसके आधार पर बच्चों को लाया गया है. 12000 बच्चे जो फंसे थे, उनको बिहार लाया गया है. फिर दूसरी सूची जिलाधिकारी पेश किए होंगे.

उन्होंने कहा कि, कोरोना एक जन आंदोलन है और प्रतिपक्ष के नेता इस जनांदोलन को नहीं देखे हैं. बल्कि उनके पिता लालू यादव (Lalu Yadav) देखा है. दरअसल, संजय झा ने ट्वीट कर शनिवार को कहा, 'मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर कोटा से छात्रों को लाने का जो काम शुरू हुआ था, शुक्रवार को आखिरी स्पेशल ट्रेन के आने के साथ पूरा हुआ. 11 ट्रेनों से कुल 13473 विद्यार्थी वापस आए, जिसके लिए बिहार सरकार ने 78.43 लाख रु एडवांस भुगतान किया. हम अपने हरेक नागरिक के साथ हैं.'

मंत्री के इस ट्वीट पर आरजेडी सहित तमाम विपक्षी दल हमलावर हैं. उनका आरोप है कि, कोटा में अभी भी बहुत से छात्र बिहार के फंसे हैं. जिनको इस कोरोना लॉकडाउन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन सरकार को उन छात्रों की चिंता नहीं है.