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बिहार के बेगूसराय में दृष्टिबाधित बच्चे 'लिटरेसी डिवाइस' से करेंगे पढ़ाई

प्रारंभिक तौर पर जिले में उन्नयन बिहार के अंतर्गत संचालित किसी एक स्कूल में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस लिटरेसी डिवाइस के माध्यम से ऐसे बच्चों के लिए विशेष क्लास 'एनी क्लासरूम' शुरू की जाएगी. 

बिहार के बेगूसराय में दृष्टिबाधित बच्चे 'लिटरेसी डिवाइस' से करेंगे पढ़ाई
डिवाइस के माध्यम से दृष्टिबाधित या दृष्टिदोष वाले बच्चे स्वयं पढ़ने, लिखने व ब्रेल लिपि में टाइप करना सीख सकते हैं.

बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले में दृष्टिबाधित बच्चों (छात्रों) में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए जिला प्रशासन जल्द ही स्मार्ट क्लास शुरू करेगी. इसके लिए सर्वेक्षण करवाया जा रहा है. बेगूसराय के जिलाधिकारी राहुल कुमार ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि इस दिशा में 'लिटरेसी डिवाइस एनी' के माध्यम से दृष्टिबाधित बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है.

उन्होंने बताया कि दृष्टिबाधित बच्चों के आधारभूत शिक्षण में एनी डिवाइस महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. उन्होंने कहा कि इस डिवाइस के माध्यम से दृष्टिबाधित या दृष्टिदोष वाले बच्चे स्वयं पढ़ने, लिखने व ब्रेल लिपि में टाइप करना सीख सकते हैं.

कुमार ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर जिले में उन्नयन बिहार के अंतर्गत संचालित किसी एक स्कूल में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस लिटरेसी डिवाइस के माध्यम से ऐसे बच्चों के लिए विशेष क्लास 'एनी क्लासरूम' शुरू की जाएगी. 

उन्होंने कहा कि करीब दो महीने पहले ऐसे बच्चों की पहचान या खोज के लिए एक सर्वे कराया गया था, जिसमें एक से पांच वर्ग समूह के 202 बच्चों का पता चला था. तीन-चार दिन पहले एक और सर्वे शुरू किया गया है. 

कुमार ने कहा कि एनी डिवाइस का मुख्य उद्देश्य दृष्टिबाधित बच्चों में साक्षरता की मौजूदा स्थिति में सुधार लाना है. डिवाइस के माध्यम से ऐसे बच्चे स्वयं ही हिंदी, अंग्रेजी और आधारभूत गणित की पढ़ाई कर सकते हैं. 

जिलाधिकारी ने संभावना जताते हुए कहा कि दो महीने में जिला मुख्यालय में एक सेंटर खोल दिया जाएगा. इस योजना से रांची में दृष्टिबाधित बच्चों की साक्षरता में काफी वृद्धि हुई है.