15 जून के बाद बिहार में बंद कर दी जाएगी ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स की सेवा- नीतीश कुमार

वह दो सप्ताह यानी 15 जून तक पूरा हो जाएगा. 1 जून तक 3872 कोरोना संक्रमण के मामले बिहार में मिले हैं. 3 मई के बाद जो प्रवासी आए, उनमें सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण पाया गया. इसकी संख्या 2743 है.   

15 जून के बाद बिहार में बंद कर दी जाएगी ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स की सेवा- नीतीश कुमार
15 जून के बाद बिहार में बंद कर दी जाएगी ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स की सेवा- नीतीश कुमार. (फाइल फोटो)
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर रहे हैं. अनलॉक 1 को कैसे सफल बनाया जाए, इसी रणनीति पर विचारविमर्श चल रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार में 15 जून तक ही ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स चलेगा. उसके बाद उसे बंद कर दिया जाएगा.
 
उन्होंने कहा कि 2 जून तक सभी प्रवासी बाहर से घर आ जाएंगे. 15 तक उनका क्वारंटाइन पीरियड पूरा हो जाएगा. इसके बाद क्वारंटाइन की जरूरत नहीं होगी. सरकार ने ए केटेगरी का शहर जो डिफाइन किया है, उन शहरों से आनेवाले प्रवासियों को दो सप्ताह के लिए ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर्स में आवासित कराया जाता है. 
 
वह दो सप्ताह यानी 15 जून तक पूरा हो जाएगा. 1 जून तक 3872 कोरोना संक्रमण के मामले बिहार में मिले हैं. 3 मई के बाद जो प्रवासी आए, उनमें सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण पाया गया. इसकी संख्या 2743 है. 
 
ज्यादातर प्रवासी श्रमिकों में कोरोना संक्रमण के मामले अन्य राज्यों से आए हुए हैं. सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से 677, दिल्ली से 628, गुजरात से 405, हरियाणा से 237, यूपी से 149, राजस्थान से 126, पश्चिम बंगाल से 107, तेलंगना से 104, शेष राज्यों की संख्या 2 अंकों में है.
 
इसके अलावा मंगलवार को 15 ट्रेनों से 24 हजार 750 लोग बिहार आ रहे हैं. सबसे अधिक केरल से 7, तमिलनाडु से 3, गोवा और महाराष्ट्र से 22 और हरियाणा से 1 ट्रेनों से प्रवासियों की बिहार वापसी हो रही है. ये ट्रेनें बिहार सरकार की पहल पर चलाई जा रहीं थीं. 
 
बैठक में यह बताया गया कि अन्य ट्रेनों से आने वाले लोग होम क्वारंटाइन में रहेंगे. मुख्यमंत्री का निर्देश है कि जो डोर टू डोर स्क्रीनिंग हो रही है, उसमे गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को चिह्नित कर उनका विशेष रूप से ध्यान रखने को कहा गया है.
 
लॉकडाउन में काफी हद तक ढील दी जा चुकी है और अब काफी गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि  जागरुकता और सोशल डिस्टेंसिंग ही कोरोना से बचाव का प्रभावी उपाय है. ऐसे में सरकार ने बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है.
 
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि सभी पंचायतों में माइकिंग एवं विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स/ होर्डिंग्स /रेडियो /टेलीविजन के जरिए काफी इंटेंसिटी के साथ अवेयरनेस ड्राइव चलाया जाएगा. कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जो भी उपाय हैं, लोग उनका अनुपालन करें. इसके लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा.