पटना के गांधी मैदान में पुस्तक मेला शुरू, 100 से ज्यादा प्रकाशक ले रहे हिस्सा

उद्घाटन के मौके पर सभी शिक्षकों ने पुस्तक और पर्यावरण संतुलन की महत्ता को रेखांकित करते हुए जीवन के लिए इन दोनों को आवश्यक बताया. 

पटना के गांधी मैदान में पुस्तक मेला शुरू, 100 से ज्यादा प्रकाशक ले रहे हिस्सा
पटना पुस्तक मेला का आगाज.

पटना: बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में शुक्रवार को पटना पुस्तक मेला शुरू हो गया. 'पेड़, पानी और जिंदगी' के थीम पर आधारित इस मेले का उद्घाटन राजधानी के कई स्कूलों के प्राचार्यों द्वारा पौधे में पानी डालकर किया गया. सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) द्वारा आयोजित होने वाले इस पटना पुस्तक मेले का उद्घाटन सेंट माइकल हाईस्कूल के प्राचार्य फादर आर्मस्ट्रांग, नोट्रेडम स्कूल की प्राचार्य मेरी जेसी एसएनडी और इंदर सिंह हाईस्कूल की प्राचार्य रीना कुमारी ने संयुक्त रूप से किया. 

उद्घाटन के मौके पर सभी शिक्षकों ने पुस्तक और पर्यावरण संतुलन की महत्ता को रेखांकित करते हुए जीवन के लिए इन दोनों को आवश्यक बताया. 18 नवम्बर तक चलने वाले इस पुस्तक मेले में प्रतिष्ठित साहित्यकार, लेखक, कवि और पत्रकार शामिल होंगे. 

पटना पुस्तक मेले में इन 10 दिनों में विशेष रूप से पर्यावरण पर जागरूकता के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसी दिशा में मेला परिसर में स्थित सभागारों, मंचों और प्रखंडों के नाम वृक्षों पर रखे गए हैं. 

इस प्रकार मेला परिसर में छह प्रखंड होंगे, जिनके नाम नीम, सेमल, पलाश, गुलमोहर, कदम्ब तथा अशोक के वृक्षों के नाम पर हैं. प्रशासनिक भवन का नाम जहां 'पीपल' दिया गया है, वहीं मुक्ताकाश मंच का नाम 'तुलसी' रख गया है. आम सभागार की पहचान 'बरगद' से होगी. 

पुस्तक मेले में इस साल 100 से ज्यादा प्रकाशक भाग ले रहे हैं, जिनके लिए 700 स्टॉल बनाए गए हैं.