विदाई से ठीक पहले दुल्हन भागी, फिर दूल्हे की जिंदगी में हुआ यह 'चमत्कार'

पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि शेखपरसा गांव की एक लड़की की शादी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तरेया सुजान थाने के भगवानपुर गांव के घनश्याम कुमार के पुत्र सुधीर कुमार से तय हुई.

विदाई से ठीक पहले दुल्हन भागी, फिर दूल्हे की जिंदगी में हुआ यह 'चमत्कार'
सुहागरात से पहले दुल्हन भाग गई. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गोपालगंज: शादी के मौके पर सात जन्मों तक साथ निभाने की कसम लेने वाली दुल्हन अगर दो घंटे के बाद होने वाली विदाई के समय फरार हो जाए, तो आपको आश्चर्य जरूर होगा, लेकिन वाकई ऐसा हुआ. बिहार के गोपालगंज के मांझागढ़ थाना क्षेत्र में अग्नि के सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लेनेवाली दुल्हन विदाई होने से ठीक पहले फरार हो गई. बाद में दूल्हे की शादी दूसरी लड़की के साथ करानी पड़ी.

पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि शेखपरसा गांव की एक लड़की की शादी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तरेया सुजान थाने के भगवानपुर गांव के घनश्याम कुमार के पुत्र सुधीर कुमार से तय हुई.

26 फरवरी की रात दोनों की शादी हंसी-खुशी के बीच पारंपरिक तरीके से संपन्न हो गई. कुछ देर बाद गुरुवार तड़के दूल्हा जब दुल्हन के घर विदाई कराने पहुंचा, तो उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई. ग्रामीणों ने बताया कि दुल्हन अपने प्रेमी के संग फरार हो चुकी है.

दूल्हे के पिता ने इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन तब तक दुल्हन के परिवार लोग भी फरार हो गए. इसके बाद दूल्हा मायूस होकर बिना दुल्हन के ही घर लौटने की सोच ही रहा था, तभी गांव के एक व्यक्ति ने दूल्हे के परिजनों को संबल दिया. गांव के गणमान्य लोग जुटे और इसी गांव की एक दूसरी लड़की के साथ उसकी शादी कराने का निर्णय लिया गया. इस पर दूल्हे और उनके परिजनों ने भी सहमति जताई.

गुरुवार को सुधीर की शादी दूसरी लड़की सुनीता के साथ गांव के काली मंदिर में पूरे रस्म-रिवाज के साथ शादी कराई गई. थाना प्रभारी छोटन कुमार ने बताया कि पंचायत के जरिए विवाद को सुलझा दिया गया है और दूल्हे के साथ दूसरी दुल्हन की विदाई कर दी गई.

(इनपुट-आईएएनएस)

 

 

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