फर्जी पास पर लोगों को बिहार ले जा रहे बस मालिक व ड्राइवर गिरफ्तार

दिल्ली से बिहार ले जाए जा रहे इन लोगों का न तो कोई मेडिकल टेस्ट हुआ था, न ही कोरोना जांच के लिए स्क्रीनिंग की गई थी.  

फर्जी पास पर लोगों को बिहार ले जा रहे बस मालिक व ड्राइवर गिरफ्तार
फर्जी पास पर लोगों को बिहार ले जा रहे बस मालिक व ड्राइवर गिरफ्तार. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक बस ड्राइवर और बस मालिक को जाली दस्तावेजों के आधार पर, अवैध तरीके से लोगों को दिल्ली से बिहार ले जाने के आरोप में, गिरफ्तार किया है. चालक की पहचान नांगलोई निवासी मनीष कुमार झा (31) के रूप में हुई, जबकि बस मालिक श्रवण कुमार शुक्ला (42) गोविंदपुरी का निवासी है.

पुलिस ने कहा, 'बस चालक और वाहन का मालिक कोरोनो वायरस (Coronavirus) की रोकथाम के लिए लागू किए गए, लॉकडाउन (Lockdown) में लोगों को दिल्ली से बिहार ले जाने के लिए, एक जाली पास (Pass) का उपयोग कर रहे थे. झूठे दस्तावेजों के आधार पर दोनों आरोपी दिल्ली में रह रहे, बिहार के 49 प्रवासी कामगारों को बिहार ले जाने की फिराक में थे.'

गौरतलब है कि दिल्ली से बिहार ले जाए जा रहे इन लोगों का न तो कोई मेडिकल टेस्ट हुआ था, न ही कोरोना जांच के लिए स्क्रीनिंग की गई थी. दक्षिणपूर्व दिल्ली पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने कहा, 'पुलिस ने 18 मई को रात में गश्त के दौरान दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में पर यूपी रजिस्ट्रेशन नंबर वाली टूरिस्ट बस को पुलिस ने देखा था. 

वाहन की जांच करने पर बिहार के किशनगंज जा रही, बस में 49 प्रवासी मजदूर पाए गए. बस चालक ने वाहन के लिए डीएम शाहदरा से जारी एक पास भी दिखाया. जब इस पास को चेक किया गया तो यह जाली पाया गया.'

डीसीपी ने कहा, 'चालक और मालिक दोनों को घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में पता लगा सभी व्यक्ति तुगलकाबाद में रहते हैं, जिसके उपरांत इन सभी 49 प्रवासी मजदूरों को तुगलकाबाद गांव वापस भेज दिया गया. धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश देने की अवज्ञा), धारा 269 (जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण के फैलने की लापरवाही से कार्य करने की संभावना) और 270 (जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण के फैलने की संभावना के कारण) और भारतीय दंड संहिता और महामारी रोग अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है.'
(इनपुट-आईएएनएस)