माहवारी को लेकर शुरू अभियान, चुप्पी तोड़ो-स्वस्थ रहो, मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने दिखाई हरी झंडी

अगर महिलाएं माहवारी के दौरान सुरक्षित और स्वस्थ नहीं रहेगीं तो अनेक तरह के बीमारी को आमंत्रण देते हैं. इसके लिए स्कूली बच्चियों को जागरूक करना होगा. इस दौरान रेड डॉट चैलेंज को भी प्रदर्शित किया गया.   

माहवारी को लेकर शुरू अभियान, चुप्पी तोड़ो-स्वस्थ रहो, मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने दिखाई हरी झंडी
माहवारी को लेकर शुरू अभियान, चुप्पी तोड़ो-स्वस्थ रहो, मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने दिखाई हरी झंडी.

रांची: झारखंड के प्रोजेक्ट भवन में पेयजल स्वच्छता विभाग की तरफ से माहवारी स्वच्छता जागरूकता को लेकर चुप्पी तोड़ो-स्वस्थ रहो अभियान की शुरुआत पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथलेश ठाकुर ने की है. इस मौके पर विभागीय सचिव प्रशांत कुमार, यूनिसेफ राज्य प्रमुख प्रशांत दास मौजूद रहे. 

इस मौके पर मंत्री मिथलेश ठाकुर ने कहा कि अभी भी हम रूढ़िवादिता में जी रहे हैं. महावरी के दौरान किन किन परेशानियों से महिलाओं और किशोरियों को गुजरना पड़ता है, उन्हें घर परिवार तक से अलग कर दिया जाता है जबकि ये सामान्य प्रक्रिया है जो एक उम्र के साथ आता है और एक उम्र के बाद समाप्त हो जाता है. 

हमें जागरूकता फैलाने की जरूरत है कि ये ऐसी क्रिया नहीं जिससे दूरी बनाई जाए. ये छुआ छूत नहीं है. इसपर चर्चा करने में भी कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए. इसको लेकर जागरुकता फैलाने के साथ-साथ सभी विभागों के साथ समन्वय की भी आवश्यकता है. 

अगर महिलाएं माहवारी के दौरान सुरक्षित और स्वस्थ नहीं रहेगीं तो अनेक तरह के बीमारी को आमंत्रण देते हैं. इसके लिए स्कूली बच्चियों को जागरूक करना होगा. इस दौरान रेड डॉट चैलेंज को भी प्रदर्शित किया गया. 
      
इस मौके के पेयजल स्वच्छता सचिव प्रशांत कुमार ने कहा, इससे जुड़ी सामग्री को हम कैसे गांव-गांव तक उपलब्ध करवाएं इस पर सरकार का जोर रहेगा. इसके लिए ग्रास रूट लेवल पर सैनिटरी पैड या अन्य यूजेबल पैड का प्रोडक्शन हो उसकी इकोनॉमी डेवलप हो इसका प्रयास करेंगे.
    
यूनिसेफ राज्य प्रमुख ने कहा माहवारी पर आज भी लोग बात नहीं करते ये समस्या घर के कोने में दबा है.जबकि ये कोई बीमारी नहीं हमारे शरीर का रूटीन हिस्सा है. 70 प्रतिशत से ज्यादा लड़कियों को पता नहीं होता पहला मासिक कब आता है.