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पटना: STET परीक्षा पर असमंजस बरकरार, अभ्यर्थी कर रहे तारीख बढ़ाने की मांग

एसटीइटी परीक्षा की संभावित तारीख 7 नवंबर रखी गई है. लेकिन 7 नवंबर को परीक्षा होगी इसको लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. दरअसल पटना हाईकोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को उम्र सीमा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. 

पटना: STET परीक्षा पर असमंजस बरकरार, अभ्यर्थी कर रहे तारीख बढ़ाने की मांग
अभ्यर्थी बिहार सरकार से परीक्षा की तारीख बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.

पटना: माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा की संभावित तारीख 7 नवंबर तय की गई है. लेकिन 7 नवंबर को परीक्षा होगी इस पर असमंजस बरकरार है. एसटीइटी परीक्षा में उम्र सीमा बढ़ाने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ये तय नहीं कर पा रहा है कि परीक्षा 7 नवंबर की ली जाए या नहीं. दूसरी ओर उम्र सीमा बढ़ाने के फैसले के बाद अभ्यर्थी बिहार सरकार से परीक्षा की तारीख बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.

बिहार में करीब आठ साल बाद हो रही माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि एसटीइटी के लिए शिक्षा विभाग उलझन में है. एसटीइटी परीक्षा की संभावित तारीख 7 नवंबर रखी गई है. लेकिन 7 नवंबर को परीक्षा होगी इसको लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. दरअसल पटना हाईकोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को उम्र सीमा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. 

राज्य में एसटीइटी परीक्षा का आयोजन बीएसइबी ही करा रहा है. दूसरी ओर एसटीइटी परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की आखिरी तारीख काफी पहले ही खत्म हो चुकी है. उम्र सीमा बढ़ाने के निर्देश के बाद राज्य में हजारों अभ्यर्थी एसटीइटी परीक्षा के योग्य हो गए हैं. अब माध्यमिक शिक्षा विभाग इस उलझन में है कि वो 7 नवंबर को परीक्षा ले तो कैसे लें. ऐसे में शिक्षा विभाग के पास परीक्षा की तारीख बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प है ऐसा लगता नहीं है. 

सूत्रों के मुताबिक, अगर हजारों नए अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होते हैं तो इसके लिए नए सिरे से आवेदन की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ेगी. आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी तो फिर इम्तिहान की तारीख भी बढ़ानी पड़ेगी. क्या एसटीइटी परीक्षा की तारीख बढ़ सकती है इस मामले में हमने माध्यमिक शिक्षा विभाग का पक्ष जानना चाहा. माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक निदेशक अमित कुमार ने अपनी राय रखी. 

अमित कुमार के मुताबिक,हाईकोर्ट के फैसले के बाद विधि विभाग से माध्यमिक शिक्षा विभाग परामर्श ले रहा है. जो भी विधि विभाग का परामर्श होगा उस पर आगे की कार्रवाई होगी. अमित कुमार के मुताबिक, संचिका विधि विभाग को भेजी जा रही है और जैसी सलाह होगी उसके मुताबिक फैसला लिया जाएगा.

दरअसल बिहार में इस बार एसटीइटी के लिए जो उम्र सीमा निर्धारित की गई थी उसके मुताबिक, सामान्य पुरूष के लिए 37 और सामान्य वर्ग की महिला के लिए 40 साल रखी गई. इसी तरह अतिपिछड़ा वर्ग के पुरूष के लिए अधिकतम 40 साल, अनुसूचित जाति के पुरूष और महिलाओं के लिए अधिकतम 42 जबकि अनुसूचित जनजाति के पुरूष और महिलाओं के लिए अधिकतम 42 साल रखी गई. 

लेकिन हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में उम्र सीमा बढ़ाने के निर्देश दिए. इस निर्देश का अभ्यर्थी स्वागत कर रहे हैं. अभ्यर्थियों के मुताबिक, एक तरफ जहां केन्द्रीय शिक्षक पात्रता साल में दो बार होती है वहीं बिहार में आठ साल बाद माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा हो रही है. लेकिन सरकार ने जानबूझकर अधिकतम उम्र समय सीमा तय कर दी. 
अगर शिक्षा विभाग हर साल एसटीइटी परीक्षा नहीं लेता है तो उसे ऐसे नियम बनाने चाहिए थे जिसमें अधिक से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो सके. अब अभ्यर्थियों की नजर इस बात पर गड़ी है कि कब शिक्षा विभाग अधिसूचना जारी कर दोबारा उन्हें परीक्षा में शामिल होने की इजाजत देता है.

बिहार में इस बार एसटीइटी परीक्षा की जिम्मेदारी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पास है और उसने परीक्षा की संभावित तारीख 7 नवंबर तय की है. लेकिन हाईकोर्ट के फैसले से अब बिहार में हजारों अभ्यर्थी एसटीइटी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं. इन अभ्यर्थियों के आवेदन के लिए कुछ दिनों का वक्त भी बिहार सरकार देगी ऐसे में 7 नवंबर को एसटीइटी परीक्षा हो. ये लगभग असंभव लगता है.