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गढ़वा में निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना फेल, गोल्डन कार्ड धारकों से नगद की गई वसूली

 गढ़वा में निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना का धड़ल्ले से मखौल उड़ा रहे हैं. गढ़वा के पेशका गांव में गोल्डन कार्ड होने के बावजूद एक गरीब परिवार को इलाज के लिए निजी अस्पताल को मोटी रकम चुकानी पड़ी.

गढ़वा में निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना फेल, गोल्डन कार्ड धारकों से नगद की गई वसूली
अस्पताल ने जाकिर के पास गोल्डन कार्ड होने के बाद भी उसे नकार दिया.

गढ़वा: देशभर में आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिल का पत्थर साबित हो रही है लेकिन झारखंड के गढ़वा में निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना का धड़ल्ले से मखौल उड़ा रहे हैं. गढ़वा के पेशका गांव में गोल्डन कार्ड होने के बावजूद एक गरीब परिवार को इलाज के लिए निजी अस्पताल को मोटी रकम चुकानी पड़ी.

दरअसल जाकिर अंसारी नाम के शख्स के पोते की तबीयत जन्म के बाद अचानक बिगड़ गई. जिसके बाद जाकिर बीमार पोते को लेकर एक निजी अस्पताल में पहुंचे. जहां बच्चे का इलाज तो हुआ, लेकिन अस्पताल ने जाकिर के पास गोल्डन कार्ड होने के बाद भी उसे नकार दिया. 

अस्पताल ने जाकिर से 20  हजार रुपए नकदी के रूप में लिए. जबकि सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है. आयुष्मान योजना के लागू होने के बाद गांव के स्वास्थ्य केंद्रों को भी दुरुस्त करने और सुविधा उपलब्ध करा देने का दावा किया जाता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आई.

गढ़वा के सीएस का दावा है कि सरकारी-गैर सरकारी सभी अस्पतालों को साफ निर्देश है कि आयुष्मान योजना में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अब सीएस मामले में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई का भरोसा दे रहे हैं.

सरकार का दावा है कि आयुष्मान योजना लोगों के लिए एक बेहतर सुविधा सुनिश्चित करती है लेकिन निजी अस्पतलों की मनमानी सरकारी दावों को धत्ता बताते हुए लोगों के लिए मुश्किल कर रही है.
Saloni Srivastava, News Desk