बिहार में कोरोना के कहर बीच 'चमकी बुखार' की दस्तक तेज

मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में जिले के मुसहरी प्रखंड की रजवाड़ा पंचायत के सुखलाल सहनी की जुड़वा पुत्री सुक्की कुमारी और मौसमी कुमारी को भर्ती कराया गया था. 

बिहार में कोरोना के कहर बीच 'चमकी बुखार' की दस्तक तेज
बिहार में कोरोना के कहर बीच 'चमकी बुखार' की दस्तक तेज. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: बिहार के मुजफ्फरपुर में मंगलवार को एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से जुड़वां बहनों की मौत होने के बाद 'चमकी बुखार' नाम से जाने जानी वाली इस बीमारी को लेकर एकबार फिर बहस छिड़ गई है. 

इस वर्ष अभी तक ना गर्मी तेज हुई है और ना ही लीची का टूटना शुरू हुआ है, फिर भी एईएस का आ धमकना चिंता का सबब बन गया है. इस बीच, सरकार ने एईएस को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं.

मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में जिले के मुसहरी प्रखंड की रजवाड़ा पंचायत के सुखलाल सहनी की जुड़वा पुत्री सुक्की कुमारी और मौसमी कुमारी को भर्ती कराया गया था. 

चार वर्षीय मौसमी ने सोमवार को, जबकि सुक्की ने मंगलवार को दम तोड़ दिया. इसके साथ ही इस वर्ष मुजफ्फरपुर में एईएस से मरने वालों की संख्या तीन तक पहुंच गई है.

एसकेएमसीएच के अधीक्षक एस.क़े शाही की मानें तो अभी तक एईएस के 15 मरीज आ चुके हैं, जिनमें से आठ ठीक होकर चले गए. चिकित्सकों का कहना है कि यह बीमारी प्राय: तेज गर्मी में होती है. कहा यह भी गया था कि यह बीमारी लीची से होती है, हालांकि बाद में इसे नकार दिया गया.

इधर, एसकेएमसीएच के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ़ गोपाल सहनी कहते हैं कि अभी एईएस का इक्का-दुक्का मरीज ही आता है, अभी गर्मी तेज नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, इससे मिलते-जुलते मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी. इस बीच एईएस को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं.

पिछले वर्ष एईएस प्रभावित मुजफ्फरपुर जिले के पांच प्रखंडों कांटी, बोंचहा, मीनापुर, मोतीपुर व मुसहरी में सोशियो इकोनमिक सर्वे कराया गया था. इस सर्वे के आधार पर कई निर्णय लिए गए थे.

समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने बताया कि 303 अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित कर संचालित किए गए हैं. इस प्रकार मुजफ्फरपुर में कुल 1896 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहारों के अलावे दूध का पॉकेट भी वितरित किया जा रहा है.

इस क्षेत्र के 7082 परिवारों को जीविका से जोड़ दिया गया है और 2587 परिवारों को जीविकोपार्जन योजना का लाभ दिया जा रहा है. जीविका मित्रों को ट्रेनिंग देकर उनके माध्यम से एईएस से बचाव के संबंध में उन्हें जागरूक किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने कोराना संक्रमण को लेकर चलाए जा रहे डोर टू डोर कैम्पेन में एईएस एवं जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के संबंध में भी जानकारी लेने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. इसके अलावा जेई का पूर्ण टीकाकरण करवाने तथा अस्पताल पहुंचाने की तत्काल व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग से एईएस से ज्यादा प्रभावित मुजफ्फरपुर के पांच प्रखंडों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत स्कूलों के बच्चों को 200 ग्राम दूध पाउडर उपलब्ध कराने और अतिरिक्त पोषण के लिए 'न्यूट्रिशनल सपोर्ट डायट' उपलब्ध कराने की भी बात कही है.
Input:-IANS