close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

चंद्रयान-2 के लॉन्चिंग में इस भागीदारी के लिए हैं झारखंड के लोग खुश...

 चंद्रयान-2 कि लॉन्चिंग झारखंड वासियों के लिए भी गौरव की बात है. क्योंकि, चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग हैवी इंजिनीरिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी एचइसी द्वारा निर्मित लॉन्चिंग पैड से हुई है.

चंद्रयान-2 के लॉन्चिंग में इस भागीदारी के लिए हैं झारखंड के लोग खुश...
चंद्रयान-2 को इसरो ने लॉन्च कर दिया है.

रांचीः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO चंद्रयान-2 लॉन्च कर इतिहास दर्ज कर दिया है. यह देशवासियों के लिए भी गर्व की बात है. वहीं, चंद्रयान-2 कि लॉन्चिंग झारखंड वासियों के लिए भी गौरव की बात है. क्योंकि, चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग हैवी इंजिनीरिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी एचइसी द्वारा निर्मित लॉन्चिंग पैड से हुई है.

इसरो ने चंद्रयान-2 आंतरिक्षयान को लॉन्च कर भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन गया है. यह पल पूरे देशवासियों के लिए गर्व की बात है. वहीं, यूएसएसआर, यूएसए, और चीन के बाद भारत चौथा ऐसा देश है जो चांद की पढ़ाई के लिए स्पेस सेटेलाइट भेजेगा.

एचईसी के सीएमडी एमके सक्सेना ने बताया कि एचइसी ने 80 मीटर का प्लेटफार्म, टावर क्रेन, होररिज़ॉनतल स्लाइडिंग डोर्स, मोबाइल लांच पैड, 400 टन इओटी क्रेन, फोल्डिंग कम वर्टिकली रेपोज़िशनेबल प्लेटफार्म के उपकरणों का निर्माण एचइसी द्वारा किया गया है. 

वहीं, मामले पर तकनीकी जानकारी देते हुए एचइसी के टेक्निकल डायरेक्टर राणा चक्रवर्ती ने बताया कि मोबाइल लॉन्चिंग पैड 9 मॉड्यूल्स से तैयार हुआ है. जिसका वज़न तकरीबन 800 टन है. वहीं, वायु दबाव को सस्टेन करने के लिए टावर क्रेन का भी निर्माण एचइसी ने किया है. जिसका कुल वज़न 10 टन है ,जो 80 मीटर की ऊंचाई पर लगाया गया है.

वहीं, हॉरिजोंटल डोर्स की ऊंचाई 47 मीटर है जो चक्रवाती वायु दबाव से सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है. प्लेटफार्म की अपनी अलग खासियत है. उन्होंने बताया कि उन सभी का निर्माण, आपूर्ति और इंस्टॉलेशन काफी चुनौती भरा था. हर स्टेप पर गुणवत्ता बनाए रखने में काफी मशक्कत की गई. इसरो ने जांच के बाद गुणवत्ता पर संतुष्टि जताई और इसी का नतीजा है कि एचईसी को नए ऑर्डर दिए गए.