छठ पर्व 2018: खरना के बाद अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य

छठव्रतियों ने सोमवार को खरना किया जिसमें गुड़ का खीर बनाया जाता है. व्रत करने वाले महिला और पुरुष प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखते हैं.   

छठ पर्व 2018: खरना के बाद अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य
खरना के बाद आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा.(फाइल फोटो)

पटना : बिहार में छठ महापर्व की रौनक देखते ही बन रही है. खरना के बाद आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. छठव्रतियों ने सोमवार को खरना किया जिसमें गुड़ का खीर बनाया जाता है. व्रत करने वाले महिला और पुरुष प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखते हैं. बुधवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य के साथ ही छठ महापर्व का समापन होगा.

खरना के बाद अगले दिन प्रसाद बनाए जाते हैं. प्रसाद में ठेकुआ, चावल का बना लड्डू, केला, नारियल, गन्ना प्रमुख है. छठ का प्रसाद बनाते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है. ठेकुआ और चावल के लड्डू के लिए गेंहू और चावल को काफी नियम-निष्ठा से धोकर पिसवाया जाता है. अनाज सुखाते वक्त काफी ध्यान रखना पड़ता है कि कोई पक्षी इसे जूठा ना कर दे या फिर किसी के पांव इसपर नहीं पड़े. ये प्रसाद घर में ही बनते हैं.

छठ पूजा के प्रसाद में गन्‍ना और केला का भी विशेष महत्व है. अर्घ्‍य देते वक्‍त पूजा की सामग्री में गन्‍ने का होना जरूरी है. छठ प्रकृति की अराधना का महापर्व है, जो पर्यावरण को स्वच्छ बनाने का संदेश देता है. अनादि काल से मनाए जाने वाले इस पर्व में धरती पर ऊर्जा का संचार करने वाले भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना की जाती है. त्योहार से पहले नदी, तालाब, पोखर आदि जलाशयों की सफाई का काम शुरू हो जाता है. 

छठ पूजा को लेकर पटना पुलिस चौकस है. लगभग 2000 अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं. डीएसपी रैंक के 12 पदाधिकारियों की तैनाती की गई है. 12 QRT टीम की भी तैनाती की गई है. घाटों पर 6 अस्थाई थाने बनाए गए हैं. महेंद्रू, कॉलक्टरेट, पाटलीपुत्र, बांसघाट, 93 नंबर घाट और एनआईटी घाट पर अस्थाई पुलिस थाना बनाए गए हैं. साइबर सेनानी की टीम भी सोशल मीडिया पर नजर रखे