झारखंड में 21 दिन का नहीं, पूरे 2 महीन का अग्रिम राशि देने का फैसला, 90% लोगों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बाहर से आने वाले लोगों की कड़ी निगरानी करें. उनके क्वारंटाइन को प्राथमिकता दें. साथ ही राज्य के बाहर फंसे झारखंड के लोगों की मदद करें. इसके लिए विभिन्न राज्यों के कंट्रोल रूम का नंबर फंसे हुए लोगों को उपलब्ध कराएं. 

झारखंड में 21 दिन का नहीं, पूरे 2 महीन का अग्रिम राशि देने का फैसला, 90% लोगों को मिलेगा लाभ
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने लॉकडाउन के तीसरे दिन कोरोना वायरस से निपटने के लिए सूचना भवन में स्थापित राज्यस्तरीय नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया.मुख्यमंत्री ने वरीय अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की.

उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को कार्य का आवंटन कर लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य करें. छोटे कार्यों में विमान की व्यवस्था करें ताकि जरूरी सामान आ सके. राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में मिलने वाली सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो. राज्य में जहां कहीं भी होम क्वारंटाइन हो रहा है, उसे तत्काल बंद कर दें. सरकार के क्वारंटाइन में लोग रहेंगे.

हमें चीजों को समझना होगा. ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में घर छोटे- छोटे होते हैं. ऐसी स्थिति में परिवार के सदस्यों या संपर्क में आने वाले व्यक्ति में संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है. 

2 महीने का राशन

इस बात का सभी अधिकारी ध्यान रखें. राज्य में होने वाली मृत्यु की भी जानकारी जुटाएं. मौत के कारणों को जानें. पूरी जांच होनी चाहिए. आप सभी 21 दिन का नहीं 2 माह का बैकअप लेकर काम करें. थर्मल गन, जांच मशीन, मास्क, टेस्ट किट, पीसीआर मशीन, पीपीए ड्रेस, ग्लोब्स जैसे जरूरी चीजों की कमी नहीं होनी चाहिए. यह सभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो. 

यह आप सभी सुनिश्चित करेंगे. मुख्यमंत्री सूचना भवन में वरीय अधिकारियों के साथ लॉकडाउन के तीसरे दिन कार्यों की समीक्षा कर रहे थे. अधिकारियों को कार्य की जिम्मेवारी सौंपे. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान विभागों में कार्य नहीं हो रहा है. ऐसे में अधिकारियों को कार्य की जिम्मेवारी दें. एक संरचना तैयार करें. नोडल ऑफिसर नियुक्त होना चाहिए. इनसे राज्य के बाहर फंसे लोगों को मदद पहुंचाने, जरूरतमंदों को राशन व जरूरी सामान उपलब्ध कराने हेतु कार्य सौंपा जाए. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बाहर से आने वाले लोगों की कड़ी निगरानी करें. उनके क्वारंटाइन को प्राथमिकता दें. साथ ही राज्य के बाहर फंसे झारखंड के लोगों की मदद करें. इसके लिए विभिन्न राज्यों के कंट्रोल रूम का नंबर फंसे हुए लोगों को उपलब्ध कराएं. 

झारखंड में संचालित कंट्रोल रूम का नंबर पूरे देश में प्रसारित करें, ताकि फंसे लोगों को मदद पहुंचाया जा सके. देश के राज्यों के फूड सप्लाई डिपार्टमेंट से भी संपर्क स्थापित कर फंसे हुए लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें. इस कार्य में स्वंय सेवी संस्थाओं की भी मदद लें. 

कोरोना वायरस के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तीन राज्य स्तरीय कंट्रोल कार्य कर रहें हैं. 93 व्यक्ति की जांच की गई. सभी नेगेटिव मिले. मुख्यमंत्री को समीक्षा बैठक के दौरान कई फोन कॉल आये, जिसमें विभिन्न राज्यों में फंसे लोगों ने अपनी व्यथा व्यक्त की.