close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

CM नीतीश ने बिहार के पहले वानिकी कॉलेज का किया शिलान्यास, 105 करोड़ होंगे खर्च

अपने 20 मिनट के भाषण में मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में राज्य के सभी 38 जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना सहित महिला आईटीआई, एएनएम कॉलेज, जीएनएम कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना की चर्चा की. 

CM नीतीश ने बिहार के पहले वानिकी कॉलेज का किया शिलान्यास, 105 करोड़ होंगे खर्च
सीएम नीतीश ने किया शिलान्यास.

प्रशांत कुमार, मुंगेर : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुंगेर में 185 करोड़ की लागत से बनने वाले बिहार के पहले वानिकी कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज के भवन निर्माण का किया शिलान्यास. सदर प्रखंड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के परिसर में बनने वाले राज्य के पहली वानिकी कॉलेज एवं इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण कार्य का बटन दबाकर पोलो मैदान से शिलान्यास किया. इन दोनों कॉलेजों के निर्माण पर कुल 185 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे. राज्य के पहले वानिकी कॉलेज का निर्माण 41.8 एकड़ में 105 करोड़ की लागत से और 10 एकड़ में बनने वाले इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण पर कुल 80 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी.

अपने 20 मिनट के भाषण में मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में राज्य के सभी 38 जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना सहित महिला आईटीआई, एएनएम कॉलेज, जीएनएम कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना की चर्चा की. साथ ही सीएम ने कहा कि वानिकी कॉलेज राज्य का एक अनोखा कॉलेज होगा, जहां अनुसंधान और प्रशिक्षण की भी व्यवस्था होगी.

उन्होंने वैश्विक जलवायु परिवर्तन पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जिस समय झारखंड बिहार से अलग हुआ था उसमें बिहार का हरा क्षेत्र मात्र 9 प्रतिशत था. इसलिए 2012 से हरियाली मिशन आरंभ किया गया. अभी यह आंकड़ा प्रतिशत है. इसके तहत 2020 तक 17 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. साल के अंत तक 19 करोड़ पेड़ लगा दिए गए. जबकि वन और पर्यावरण विभाग के द्वारा एक साल में डेढ़ करोड़ पौधा लगाया गया है.

उन्होंने गिरते जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दक्षिण बिहार ही नहीं अब उत्तर बिहार के दरभंगा में जलस्तर काफी नीचे चला गया है. इसको लेकर आगामी दो अक्टूबर से जल्दी हरियाली मिशन की शुरुआत की जा रही है. इसके तहत पंचायत स्तर तक तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा. उनका उद्धार कराया जाएगा. साथ ही साथ सार्वजनिक सार्वजनिक चापाकल गरवाया जाएगा, ताकि जलस्तर को बरकरार रखा जा सके. इसके अलावा स्थान पर जलस्रोत के पास का सोकपिट का निर्माण कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ को लेकर निरीक्षण किया. सभी अधिकारियों को निर्देश भी दिया गया है.

इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, मंत्री जयकुमार सिंह, अशोक चौधरी, शैलेश कुमार, मुंगेर सांसद ललन सिंह और विधायक विजय कुमार विजय, मेवालाल चौधरी, रणधीर सोनी भी मौजूद रहे.